Kolkata Warehouse Collapses/Image Credit: ANI X Handle
Kolkata Warehouse Collapses: कोलकाता: पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर तीन मंजिला निर्माणाधीन गोदाम की छत ढह जाने से उसके मलबे के नीचे कई लोग दबे गये। कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 10 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है और उन्हें निकतवर्ती अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘तारातला इलाके में ब्रेस पुल के निकट ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर इस गोदाम की छत दोपहर के करीब गिर गई। हमारे अधिकारी मौके पर हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना के समय कुछ लोग वहां काम कर रहे थे। हमे आशंका है मलबे के नीचे कुछ लोग दबे हो सकते हैं।’’ निर्माण कार्य के दौरान लोहे के बीम और कंक्रीट के बड़े-बड़े हिस्से ढह गए, जहां कई मज़दूर काम कर रहे थे। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने मलबे के नीचे फंसे लोगों को मदद के लिए चिल्लाते हुए सुना। एक चश्मदीद ने कहा, “भूतल पर पर निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि पहली और दूसरी मंज़िल का आरसीसी ढांचा पूरा हो चुका था। पूरा ढांचा ढह गया है।” बताया जा रहा कि, इस हादसे में अब तक दो मजदूरों की मौत हो गई है।
अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक,‘कास्टिंग’ के काम के दौरान तीन मंज़िला गोदाम की छत गिर गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोदाम बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन समूह, नागरिक सुरक्षा और अग्निशमन एवं आपात सेवा की टीम घटनास्थल पर बचाव कार्य में जुटी हुई है। (Kolkata Warehouse Collapses) उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारी भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं जबकि गिर चुके लोहे के बीम को हटाने के लिए क्रेन और मशीनों को लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार लोहे और कंक्रीट को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा था तथा बचावकर्मी ‘वर्टिकल ड्रिलिंग’ के ज़रिए मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
Kolkata Warehouse Collapses: कोलकाता पुलिस के आपदा प्रबंधन दल के एक सदस्य ने कहा, ‘‘हम मलबे के नीचे से आ रही मदद की पुकार को सुन वहां तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, हम दबे हुए लोगों को भरोसा दिला रहे हैं कि उन्हें जल्द ही बचा लिया जाएगा।” कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में कुछ समय से बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कार्य किए जा रहे थे। (Kolkata Warehouse Collapses) मंत्री इंद्रनील खान ने कहा, “हम निश्चित रूप से दुर्घटना के कारणों और किसी भी तरह की अनियमितता की जांच करेंगे। लेकिन अभी प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा पीड़ितों को बचाने की है।” शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और कोलकाता नगर निगम की आयुक्त स्मिता पांडे भी घटनास्थल पर पहुंच गई हैं।
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