आईओए को जांच के निर्देश के बावजूद हॉकी इंडिया के आचार आयोग ने लाकड़ा को नोटिस भेजा

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आईओए को जांच के निर्देश के बावजूद हॉकी इंडिया के आचार आयोग ने लाकड़ा को नोटिस भेजा

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 07:04 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 07:04 PM IST

(मोना पार्थसारथी)

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) हॉकी इंडिया में चल रहा विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा और अब खेल मंत्रालय के आईओए को जांच समिति के गठन के निर्देश के बावजूद हॉकी इंडिया के आचार आयोग ने असुंथा लाकड़ा को नोटिस भेज दिया है जिसे भारत की पूर्व कप्तान ने ‘बदले की कार्रवाई’ बताया है ।

भारतीय हॉकी में उत्पीड़न और धमकी के लाकड़ा के आरोपों की जांच के लिये खेल मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को भारतीय ओलंपिक संघ को तटस्थ समिति के गठन का निर्देश दिया था ।

हॉकी इंडिया के आचार आयोग के प्रमुख जस्टिस (सेवानिवृत्त) राघवेंद्र कुमार ने झारखंड की खिलाड़ी अलबेला रानी टोप्पो द्वारा कथित तौर पर लाकड़ा के खिलाफ पांच अप्रैल और नौ जुलाई को की गई शिकायतों के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है ।

उन्होंने नोटिस में कहा ,‘‘ हॉकी इंडिया से दस जुलाई को मिले पत्र के आधार पर मुझे आपके खिलाफ लगाये गए आरोपों के तथ्यों की जांच करने के लिये कहा गया है । आपको 30 जुलाई तक जवाब जमा करना होगा और ऐसा नहीं करने पर यह माना जायेगा कि आपको अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है और फिर प्रक्रिया तथा कानून के तहत जांच की जायेगी ।’’

लाकड़ा ने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए भाषा से कहा ,‘‘ जब आईओए को मामले की जांच के निर्देश दिये गए हैं तो अब ये नोटिस भेजने का मतलब मुझे परोक्ष रूप से धमकाना है । मैं अपना पक्ष आईओए द्वारा गठित समिति के सामने रखूंगी । मेरे खिलाफ शिकायतें फर्जी है और बदले की कार्रवाई में की गई है ।’’

गौरतलब है कि हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने मंत्रालय को बुधवार को पत्र लिखकर लाकड़ा के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराये जाने का अनुरोध किया था । इसके बाद बृहस्पतिवार को मंत्रालय ने आईओए को समिति के गठन के निर्देश दिये ।

हॉकी इंडिया के कार्यकारी बोर्ड की सदस्य और चयनकर्ता लाकड़ा ने इससे पहले हॉकी में यौन उत्पीड़न के आरोपियों को बचाने, महिला खिलाड़ियों के साथ दुव्यर्वहार और धमकाने के आरोप लगाते हुए खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर तुरंत दखल का अनुरोध किया था । उन्होंने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर उन्हें धमकाने का आरोप लगाया था ।

लाकड़ा ने यह भी कहा कि हॉकी झारखंड में हो रही करतूतों के खिलाफ आवाज उठाने के बाद से उन्हें चयन समिति की बैठकों में नहीं बुलाया जा रहा और एशियाई खेलों तथा विश्व कप जैसे अहम टूर्नामेंटों के लिये टीम चयन से भी उन्हें अलग रखा गया ।

उन्होंने कहा ,‘‘ अप्रैल में सब जूनियर महिला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप मेरे शहर रांची में हुई थी लेकिन मुझे दरकिनार किया गया । मार्च में अर्जेंटीना दौरे के लिये टीम चयन के बाद से एक भी बैठक में नहीं बुलाया गया क्योंकि मैने गलत के खिलाफ आवाज उठाई ।’’

लाकड़ा ने एक बार फिर खेल मंत्रालय को हॉकी इंडिया को इस तरह की कार्रवाई से रोकने के निर्देश देने का अनुरोध किया है जिससे जांच प्रभावित हो ।

उन्होंने पत्र में कहा ,‘‘ भारतीय ओलंपिक संघ को मामले की निष्पक्ष जांच का जिम्मा सौंपा गया है और मैं अनुरोध करती हूं कि मेरे द्वारा या मेरे खिलाफ लगाये गए सभी आरोपों की जांच वही समिति करे ताकि बिना किसी डर या प्रभाव के इंसाफ हो सके ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि इस तरह समांतर जांच प्रक्रिया पर रोक लगाई जाये जो मुझे धमकाने के लिये की जा रही है जबकि स्वतंत्र जांच के निर्देश दिये जा चुके हैं । मेरा भारत सरकार और खिलाड़ियों की गरिमा की सुरक्षा के लिये आपकी प्रतिबद्धता पर पूरा भरोसा है ।’’

भाषा

मोना नमिता

नमिता