मुझे नहीं लगता कि अब फिनिशर की भूमिका प्रासंगिक रह गई है: फ्लेमिंग

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मुझे नहीं लगता कि अब फिनिशर की भूमिका प्रासंगिक रह गई है: फ्लेमिंग

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 11:29 AM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 11:29 AM IST

चेन्नई, चार अप्रैल (भाषा) चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग का मानना ​​है कि वर्तमान समय में टी20 क्रिकेट में पारंपरिक फिनिशर की भूमिका बहुत प्रासंगिक नहीं रह गई है, क्योंकि मैच की शुरुआत से ही पूरी तरह से आक्रामक खेल खेला जा रहा है।

सीएसके ने अपनी टीम में काफी फेरबदल किया है। उसकी बल्लेबाजी इकाई में शीर्ष क्रम के विशेषज्ञ बल्लेबाजों का दबदबा है, जिससे मध्य और निचले क्रम में विशेष रूप से फिनिशर की भूमिका की कमी महसूस हो रही है।

फ्लेमिंग ने पंजाब किंग्स के हाथों सीएसके की पांच विकेट से हार के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि अब फिनिशर जैसी कोई चीज रह गई है। पहली गेंद से ही हर कोई ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहा है। अब ऐसा नहीं है कि 16वें ओवर तक रन गति कुछ धीमी रखकर फिर तेजी से रन बनाए जाएं। पहली गेंद से ही प्रत्येक बल्लेबाज आक्रामक अंदाज में खेल रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए पारी की शुरुआत से ही 10, 11, 12 का रन रेट अपेक्षित है। आपको 40 रन तक पहुंचने के लिए अधिक आक्रामक दृष्टिकोण अपनाना होगा। इसलिए आपके पास ऐसे बल्लेबाज होने चाहिए जो शुरू से लेकर आखिर तक आक्रामक खेल खेलें और निश्चित रूप से हमारे पास वही टीम है।’’

फ्लेमिंग ने कहा, ‘‘डेवाल्ड ब्रेविस चोट के कारण बाहर हैं और सर्वश्रेष्ठ फिनिशरों में से एक महेंद्र सिंह धोनी चोटिल हैं। इसलिए हमारे पास कुछ ताकत तो है। हमें उम्मीद है कि ब्रेविस की वापसी के बाद बीच के ओवरों में उनका दबदबा रहेगा। मैं अपनी टीम के खेल के तरीके से संतुष्ट हूं।’’

भारत को टी20 विश्व कप में चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले बल्लेबाज संजू सैमसन पहले दो मैचों में संघर्ष करते नजर आए हैं। फ्लेमिंग ने हालांकि उनका समर्थन किया।

उन्होंने कहा, ‘‘वह अच्छा अभ्यास कर रहा है और जब वह लय में आ जाता है तो अक्सर मैच विजेता खिलाड़ी साबित होता है। इसलिए पहले दो मैच में उसका प्रदर्शन चिंता का विषय नहीं है।’’

फ्लेमिंग ने बल्ले और गेंद के बीच बेहतर संतुलन बनाए रखने की भी अपील की और कहा कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम ने खेल को बल्लेबाजी के पक्ष में झुका दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस प्रतियोगिता में विशेष रूप से इम्पैक्ट प्लेयर नियम की बहुत बड़ी भूमिका है। मुझे नहीं पता कि यह कब तक रहेगा, लेकिन यह निश्चित रूप से क्रिकेट की गति को प्रभावित करता है। इससे खेल कुछ हद तक बल्लेबाजों के पक्ष में झुक गया है।’’

सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य की 11 गेंदों पर खेली गई 39 रन की पारी ने 210 रन की लक्ष्य का पीछा कर रही पंजाब किंग्स को अच्छी शुरुआत दिलाई और साथी बल्लेबाज शशांक सिंह ने उनकी मानसिक स्पष्टता की प्रशंसा की।

शशांक ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि आईपीएल में दूसरा सत्र सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि टीमें आपकी कमजोरियों का पता लगा लेती हैं। लेकिन प्रियांश के मामले में हमें जो बात सबसे अच्छी लगी, वह यह थी कि वह मानसिक रूप से बहुत मजबूत है। वह ज्यादा बोलता नहीं हैं, लेकिन मानसिक रूप से बेहद मजबूत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह अपनी भूमिका अच्छी तरह से समझता है और उन क्षेत्रों को भी जानता है जहां वह रन बना सकता है। वह युवा है, लेकिन बल्लेबाजी के मामले में उसने जिस तरह से परिपक्वता दिखाई है वह काबिलेतारीफ है।’’

भाषा

पंत

पंत