मैं मानसिक रूप से शांत और मौजूदा क्षण में थी: बंसारी सोलंकी
मैं मानसिक रूप से शांत और मौजूदा क्षण में थी: बंसारी सोलंकी
नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) एसजी पाइपर्स की महिला हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) की पहली खिताबी जीत में निर्णायक भूमिका निभाने वाली गोलकीपर बंसारी सोलंकी ने कहा कि वह खिताबी मुकाबले के अहम मौके पर ‘मानसिक रूप से शांत थी और पूरी तरह वर्तमान में मौजूद थी’।
महिला एचआईएल का फाइनल निर्धारित समय में 1–1 की बराबरी पर समाप्त हुआ था। इसके बाद एसजी पाइपर्स ने शूटआउट में श्राची बंगाल टाइगर्स को 3–2 से हराकर खिताब अपने नाम किया।
विशेष रूप से शूटआउट के लिए मैदान में उतारी गईं 24 वर्षीय गोलकीपर ने एक पेनल्टी स्ट्रोक के साथ तीन अहम बचाव कर अपनी टीम को जीत दिला दी।
बंसारी को फाइनल में शानदार प्रदर्शन के लिए शुक्रवार को ‘टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर’ के पुरस्कार से भी नवाज़ा गया।
उन्होंने कहा कि दबाव का डटकर सामना करने से उन्हें सफलता मिली।
उन्होंने कहा, ‘‘दबाव जरूर था, लेकिन मैं नतीजे के बारे में नहीं सोच रही थी। मेरा पूरा ध्यान अपना सर्वश्रेष्ठ देने और उसी पल में बने रहने पर था। मैं सिर्फ अपना काम कर रही थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘फाइनल से पहले हमारे कोच सोफी गिर्ट्स ने हमसे कहा था कि ‘डब्ल्यू-आई-इन (जीत)’ का मतलब है ‘व्हाट्स इम्पॉर्टेंट नाउ(इस वक्त क्या ज़रूरी है)’ यह बात पूरे मैच के दौरान मेरे साथ रही।’’
इस गोलकीपर ने खुलासा किया कि उनका देर से मैदान में उतरना पहले से तय रणनीति का हिस्सा था।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले ही तय कर लिया गया था कि अगर फाइनल शूटआउट तक जाता है तो मैं खेलूंगी। इसलिए मैं लगातार वार्म-अप करती रही, क्योंकि मुझे पता था कि मुझे तैयार रहना है।’’
भाषा आनन्द पंत
पंत


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