(जी उन्नीकृष्णन)
चेन्नई, 25 फरवरी (भाषा) भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने बुधवार को स्वीकार किया कि जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 विश्व कप के सुपर आठ मैच में उनकी टीम पर दबाव रहेगा लेकिन इसके साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि खिलाड़ी इससे निपटने में सफल रहेंगे।
अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर आठ के पहले मैच में 76 रन से हारने के बाद भारत को अब सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए अपने बाकी बचे दोनों मैच जीतने होंगे। जिम्बाब्वे के बाद वह रविवार को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलेगा।
कोटक ने मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘विश्व कप भारत में खेला जा रहा है इसलिए दबाव और उम्मीद होना स्वाभाविक है। मेरा मानना है कि आप कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलें दबाव महसूस होता ही है। फिर यह तो निश्चित तौर पर बहुत दबाव वाला मैच है।’’
लेकिन कोटक को भारतीय खिलाड़ियों की मानसिक दृढ़ता पर कोई संदेह नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सच में लगता है कि हम इसलिए एक मैच हार गए क्योंकि हमने अच्छी साझेदारी नहीं निभाई। लोग इसके बारे में (दबाव के बारे में) ज्यादा बात करते हैं। मेरा मानना है कि हमारे खिलाड़ी दबाव से निपटने में सक्षम है। अगर हम विश्व कप जीतना चाहते हैं तो हमें दबाव से निपटना होगा।’’
कोटक ने कहा कि भारत टूर्नामेंट में आगे भी आक्रामक बल्लेबाजी की अपनी रणनीति पर कायम रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर हम उसी तरह की क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। मुझे लगता है कि हमें बहुत सकारात्मक रहना होगा और उसी तरह की क्रिकेट खेलनी होगी जिसने हमें सफलता दिलाई है। हम उसी तरह से खेलेंगे। हमारे रवैए में कोई बदलाव नहीं होगा।’’
कोटक ने इसके साथ ही कहा कि मध्य क्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह दिन में बाद में टीम में शामिल हो सकते हैं। बाएं हाथ का यह बल्लेबाज अपने पिता के बीमार होने के कारण मंगलवार को नयी दिल्ली चला गया।
उन्होंने कहा, ‘‘रिंकू के पिता की तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए उसे टीम छोड़नी पड़ी। मुझे लगता है कि वह आज शाम तक वापस आ जाएगा।’’
भाषा
पंत मोना
मोना