चेन्नई, 25 फरवरी (भाषा) कृत्रिम मेधा (एआई) पर आधारित मंच अब दूरसंचार कंपनियों के लिए महज सहायक उपकरण न रहकर उच्च प्रौद्योगिकी वाली धोखाधड़ी से निपटने और डिजिटल राजस्व बढ़ाने के लिए अहम अवसंरचना बन गए हैं। एक दूरसंचार एआई कंपनी की शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह बात कही।
बेंगलुरु स्थित दूरसंचार एआई समाधान प्रदाता कंपनी सुबेक्स लिमिटेड की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) निशा दत्त ने बयान में कहा कि दुनिया भर की दूरसंचार कंपनियां धोखाधड़ी की पारंपरिक नियम-आधारित पहचान और आश्वासन प्रणालियों से आगे निकल चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दूरसंचार नेटवर्क बड़े पैमाने पर डेटा ट्रैफिक संभालते हैं और सैकड़ों साझेदारों से जुड़े होते हैं, जिससे पुराने उपकरण जटिलता और पैमाने के साथ तालमेल नहीं बैठा पाते हैं।
दत्त ने कहा, “हर उत्पाद, चैनल और साझेदार की वास्तविक समय में निगरानी का एकमात्र टिकाऊ तरीका है कि एआई को धोखाधड़ी प्रबंधन, कारोबार आश्वासन और साझेदार निपटान के केंद्र में रखा जाए।”
उन्होंने कहा कि एआई से प्रत्येक राजस्व स्रोत को वास्तविक समय में देखा जा सकता है और शुरुआती चरण में ही धोखाधड़ी एवं राजस्व रिसाव का पता चल जाता है।
वर्ष 1994 में स्थापित सुबेक्स लिमिटेड वैश्विक स्तर पर संचार सेवा प्रदाताओं को राजस्व और लाभप्रदता बढ़ाने में सहयोग करती है।
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प्रेम अजय
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