Minister Dinesh Pratap Singh Statement/Image Credit: IBC24.in
Minister Dinesh Pratap Singh Statement: लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बुधवार को उस समय राजनीति गरमा गई जब बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापा मारा। विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई जारी है। विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई से प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह नाराज हैं। मंत्री सिंह का कहना है कि, उमाशंकर सिंह काफी समय से बीमार हैं, जिसने भी छापेमारी करवाई है, उसने गलत किया है। ये बात मंत्री ने विधायक उमाशंकर सिंह के आवास से बाहर निकलने के बाद की।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, उमाशंकर सिंह मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के समधी हैं। अपने समधी के आवास से बाहर निकलने के बाद मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि, कुछ अधिकारी इस समय उमाशंकर से बातचीत कर रहे हैं। सुबह से ही इनकम टैक्स के लोग मौजूद हैं। मेरी भी कुछ अधिकारियों से बातचीत हुई है। (Minister Dinesh Pratap Singh Statement) जब मैं अंदर बैठा था, उन्होंने कहा जो रूटीन में कार्रवाई होती है उसके लिए आए हैं। कोई विरोध नहीं है। अधिकारी अपना काम कर रहे हैं। मैं आधे घंटे पहले आया था और घर में ही सब मौजूद हैं।
Minister Dinesh Pratap Singh Statement: इसके बाद मंत्री दिनेश सिंह यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया ऐस पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि, उमाशंकर सिंह विधायक रसड़ा, जिनके घर में मेरी बेटी ब्याही है, उनके घर में आज आयकर विभाग द्वारा रेड की जा रही है। देश प्रदेश के राजनेता आयकर सहित सभी संस्थाओं को पता है कि उमाशंकर सिंह दो साल से अधिक समय से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा, वर्तमान परिस्थितियों में उमाशंकर सिंह के लिए धनार्जन नहीं सांसे बचाने में ही सारा समय और धन व्यय हो रहा है। सभी व्यवसाय लगभग बंद हो गए हैं। आज अपने आवास में आइसोलेशन में रह रहे हैं। विधानसभा का सत्र एक विधायक के लिए महत्वपूर्ण होता है लेकिन एक घंटे के लिए भी नहीं जा सके।
मंत्री दिनेश सिंह यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि, इस समय उनके समधी के घर पर नर्स या डॉक्टर को भी जानें की अनुमति अधिकारियों ने नहीं दी है। उन्होंने आगे कहा कि, अगर उनके जीवन को कोई हानि होती है तो इसके लिए ये संवेदनहीन संस्थाएं जिम्मेदार होंगी। इस प्रकार की परिस्थितियों में दुर्लभतम अपराधों में भी (Minister Dinesh Pratap Singh Statement) न्यायालय दया के आधार पर याचिका स्वीकार कर दोष मुक्त कर देते हैं। मगर, इस कठिन दौर में भी कौन संवेदनहीन राजनेता या संस्था हो सकती है जो पीड़ा देने की सोच सकता है। प्रभु ऐसे लोगों और संस्थाओं को सदबुद्धि दें।
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