फुटबॉल विश्व कप 2026 के महत्वपूर्ण पल

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फुटबॉल विश्व कप 2026 के महत्वपूर्ण पल

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  • Publish Date - July 19, 2026 / 02:46 PM IST,
    Updated On - July 19, 2026 / 02:46 PM IST

अटलांटा, 19 जुलाई (एपी) स्पेन और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना के बीच होने वाले विश्व कप फ़ाइनल के साथ इस टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी प्रतियोगिता का समापन होगा। रविवार को न्यू जर्सी में अंतिम सीटी बजने तक लगभग छह हफ्तों में तीन देशों में कुल 104 मैच खेले जा चुके होंगे।

इस टूर्नामेंट में मैदान पर रोमांचक खेल देखने को मिला जिसमें उलटफेर, नाटकीय वापसी, शानदार गोल और खेल के सबसे बड़े सितारों का बेहतरीन प्रदर्शन शामिल था।

इसमें विवाद भी हुए जैसे ईरान की भागीदारी को लेकर राजनीतिक तनाव और ‘हाइड्रेशन ब्रेक’ जैसे नए बदलावों की आलोचना जो कई फ़ैन्स को पसंद नहीं आए।

अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में हुए 2026 विश्व कप की कुछ अहम चीजें इस प्रकार रहीं।

अधिक टीम, अधिक रोमांच:

नए 48 टीम वाले प्रारूप को लेकर एकतरफा मुकाबलों और ग्रुप चरण में रोमांच की कमी की चिंताएं जताई गई थीं लेकिन केप वर्दे, कांगो और क्यूरासाओ जैसी टीमों ने इतिहास रचा और नए प्रशंसक बनाए।

केप वर्दे ने अपने पहले मैच में स्पेन को ड्रॉ पर रोका, राउंड ऑफ 32 में जगह बनाई और अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर दी लेकिन अतिरिक्त समय में 2-3 से हार गए। यह एक यादगार विश्व कप मैच था। केप वर्दे के गोलकीपर वोजिन्हा 40 साल की उम्र में स्टार बन गए और सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हो गए।

कांगो भी ग्रुप चरण से आगे बढ़ा और इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी लेकिन आखिरकार हार गया। क्यूरासाओ के पास भी अपने आखिरी ग्रुप मैच तक नॉकआउट में पहुंचने का मौका था।

फीफा ने अधिक टीमों के लिए दरवाजे खोले और उन्होंने साबित कर दिया कि वे फ़ुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर मुक़ाबला कर सकती हैं।

बड़े सितारों का जलवा:

टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दिए जाने वाले ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी शामिल थे जिनमें लियोनल मेस्सी, किलियन एमबाप्पे, एर्लिंग हालैंड, हैरी केन और जूड बेलिंघम ने जबरदस्त प्रदर्शन किया।

रविवार के फाइनल से पहले एमबाप्पे 10 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। उन्होंने अपने करियर में विश्व कप में कुल 22 गोल का रिकॉर्ड भी बनाया। मेस्सी ने मौजूदा विश्व कप आठ गोल किए और एक मैच बाकी रहते हुए उनके विश्व कप में कुल 21 गोल हैं।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो पुर्तगाल को अपने आखिरी विश्व कप में खिताब नहीं दिला पाए जबकि दो साल पहले यूरो कप के स्टार लेमिन यमाल ने चोट से उबरने के बाद शानदार प्रदर्शन किया।

बड़ी प्रौद्योगिकी, बड़ी शिकायतें:

वीडियो सहायक रिव्यू (वीएआर) कई विवादित फैसलों की वजह बना जिसमें जर्मनी, क्रोएशिया और मिस्र के महत्वपूर्ण गोल रद्द कर दिए गए।

राउंड ऑफ 16 में अर्जेंटीना के 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीतने पर मिस्र के कोच होसाम हसन ने इसकी तीखी आलोचना की।

टूर्नामेंट में इस्तेमाल की जा रही सेंसर वाली बेहद आधुनिक गेंद की वजह से राउंड ऑफ 32 में पुर्तगाल के खिलाफ क्रोएशिया का आखिरी समय में बराबरी का गोल नहीं हो पाया क्योंकि गेंद ने इगोर मंटानोविच का हल्का सा स्पर्श भी पकड़ लिया और जोस्को ग्वार्डियोल के गोल को ऑफसाइड करार दिया।

टिकट की बहुत अधिक कीमतें, फिर भी प्रशंसक पहुंचे:

टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चिंता थी कि फीफा की ‘डाइनामिक प्राइसिंग’ (समय के साथ बदलती कीमतें) की वजह से आम प्रशंसकों के लिए मैच के टिकट खरीदना मुश्किल हो जाएगा। कुछ आलोचकों ने फीफा पर ‘बहुत बड़ा धोखा’ करने का आरोप लगाया। आम बिक्री में टिकट की कीमतें ग्रुप चरण के मुकाबलों के लिए 140 से 2,735 डॉलर और फाइनल के लिए 8,680 डॉलर थीं जो 2022 में कतर में हुए पिछले विश्व कप की कीमतों से कहीं अधिक थीं।

फीफा ने पुन: बिक्री वाली टिकटों की कीमतों पर कोई नियंत्रण नहीं रखा लेकिन बिक्री से अपना हिस्सा लिया।

इतनी आलोचना के बावजूद प्रशंसक बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचे।

हाइड्रेशन ब्रेक (पानी का ब्रेक) से निराशा:

फीफा ने दोनों हाफ के बीच में पानी के लिए ब्रेक लागू किए जो इस विश्व कप के लिए एक नई चीज। स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों ने इसकी जोरदार हूटिंग की और पूर्व खिलाड़ियों ने भी इसकी आलोचना की।

ये ब्रेक खिलाड़ियों को गर्मी से निपटने में मदद करने के लिए शुरू किए गए थे लेकिन फीफा ने नियम बनाया कि मौसम और चाहे जो भी हो, ये ब्रेक होंगे ही।

युद्ध के बावजूद ईरान ने हिस्सा लिया:

विश्व कप में राजनीति और खेल का आपस में जुड़ना कोई नई बात नहीं है। इस बार सबसे अधिक राजनीतिक तनाव ईरान की राष्ट्रीय टीम को लेकर था।

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से संदेह पैदा हो गया था कि क्या ईरान की टीम विश्व कप में हिस्सा ले पाएगी या नहीं। टीम ने हिस्सा तो लिया लेकिन अपना आधार शिविर एरिजोना से मैक्सिको ले जाने के बाद।

अमेरिका ने ईरान के दल के कई सदस्यों को वीजा देने से इनकार कर दिया था। ईरान की टीम ने यात्रा से जुड़ी पाबंदियों की भी शिकायत की जिसमें हर मैच के तुरंत बाद अमेरिका छोड़ना शामिल था।

जब ईरान ग्रुप चरण से बाहर हो गया तो गृह मंत्रालय के सचिव मार्कवेन मुलिन ने अपनी भावनाएं साफ जाहिर कीं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि वे बाहर हो गए हैं और वापस नहीं आ रहे हैं।’’

ट्रंप की भूमिका पर नजर:

हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा कई देशों पर लगाई गई यात्रा पाबंदियों की वजह से कुछ प्रशंसक अमेरिका नहीं जा पाए लेकिन विश्व कप स्टेडियम के आस-पास आक्रामक आव्रजन कार्रवाई की वैसी कोई खबर नहीं मिली जिसकी कुछ मानवाधिकार समूहों को आशंका थी।

एपी सुधीर नमिता

नमिता