मुक्केबाजी में अंकुश, साक्षी, अरूंधति , सचिन और नरेंदर ने भारत के पदक पक्के किये

Ads

मुक्केबाजी में अंकुश, साक्षी, अरूंधति , सचिन और नरेंदर ने भारत के पदक पक्के किये

  •  
  • Publish Date - July 29, 2026 / 08:01 PM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 08:01 PM IST

(अपराजिता उपाध्याय)

ग्लास्गो, 29 जुलाई (भाषा) अंकुश यादव, साक्षी चौधरी, अरूंधति चौधरी, सचिन सिवाच और नरेंदर बेरवाल ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बुधवार को अपने अपने वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पांच और पदक पक्के कर लिये ।

बुधवार को मिली पांच जीत के साथ नौ भारतीय मुक्केबाज सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। इस उपलब्धि ने बर्मिंघम 2022 में भारत के मुक्केबाजी के कुल पदकों की संख्या को भी पीछे छोड़ दिया है जिसमें देश ने (तीन स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य) सात पदक जीते थे।

इससे पहले लवलीना बोरगोहेन (75 किलो), प्रिया घंघास (60 किलो) , प्रीति पवार (54 किलो) और जादूमणि सिंह (पुरूष 55 किलो) मुक्केबाजी में भारत का पदक पक्का कर चुके हैं । अब मुक्केबाजी में भारत के कुल नौ पदक हो गए ।

26 वर्ष की साक्षी ने 51 किलोवर्ग में उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5 . 0 से हराया । वहीं अरूंधति ने 70 किलोवर्ग के कठिन मुकाबले में न्यूजीलैंड की मोर्गन हेंडरसन को 3 . 1 से मात दी ।

पूर्व विश्व युवा चैम्पियन सिवाच ने पुरूषों के 60 किलोवर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर कम से कम कांस्य पक्का कर लिया । उन्होंने बोत्स्वाना के ट्रेजर मोरेमी को सर्वसम्मति से लिये गए फैसले में 5 . 0 से हराया ।

पिछले साल विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स के रजत पदक विजेता अंकुश ने पुरूषों के 80 किलो सेमीफाइनल में सर्वसम्मति से सेशेल्स के जेड मिकोक को 5 . 0 से हराया ।

यादव ने शानदार डिफेंस और चुस्त आक्रमण से पहले ही राउंड से दबदबा बना लिया । दूसरे राउंड में भी वह हावी रहे । उनके लिये एक जज ने 30 . 26 और बाकी ने 30 . 27 का स्कोर दिया ।

बाद में एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता नरेंदर भी पुरुषों के 90 किग्रा से अधिक किलोवर्ग के क्वार्टर फाइनल में समोआ के माइकल सेको को विभाजित फैसले में 3-2 से हराने में कामयाब रहे।

इस मुकाबल में रेफरी ने बार-बार दखल दिया और भारतीय मुक्केबाज के दो अंक काटे लेकिन नरेंदर ने सेको को दो बार ‘स्टैंडिंग काउंट’ के लिए मजबूर किया। जजों ने आखिरकार नरेंदर के पक्ष में 3-2 से फैसला सुनाया जिससे वह दिन में अंतिम चार में पहुंचने वाले पांचवें भारतीय मुक्केबाज बन गए।

इससे पहले अपने कद का पूरा इस्तेमाल करते हुए साक्षी ने फ्रायर्स को जवाबी हमलों का मौका ही नहीं दिया । उन्होंने जीत के बाद कहा ,‘‘उसकी रणनीति करीब से आक्रमण करने की थी जबकि मैं लंबी रेंज से मुक्के लगा रही थी जो मेरी ताकत है ।’’

आयरिश मुक्केबाज ने लगातार आक्रामक तेवर अपनाकर और धड़ाधड़ पंच मारकर साक्षी को परेशान करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने संयम बनाए रखा । उन्होंने ज्यादातर हमलों से बचते हुए बेहतर और असरदार संयोजन के साथ जवाबी हमला किया।

फ्रायर्स के लगातार दबाव के बावजूद साक्षी ने शानदार फुटवर्क और रिंग स्किल का इस्तेमाल करते हुए दूरी को बखूबी नियंत्रित किया, शुरू से आखिर तक मुकाबले की रफ्तार अपने हिसाब से तय की और आसानी से जीत हासिल की।

भाषा मोना नमिता सुधीर

सुधीर