… कुशान सरकार …
नयी दिल्ली, 13 सितंबर (भाषा) भारत-अफगानिस्तान टी20 मुकाबले से पहले रविवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में पहली बार राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ बजाया गया। यह पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की शुरुआत से पहले इस तरह का ऐतिहासिक अवसर देखने को मिला। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंद केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के अनुसार अरुण जेटली स्टेडियम में बजाए गए। राष्ट्रगान करीब 52 सेकेंड और राष्ट्रगीत तीन मिनट 10 सेकेंड का रहा। दोनों को मिलाकर कुल चार मिनट दो सेकेंड का समय लगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के आयोजनों के तहत छह फरवरी को ‘वंदे मातरम्’ के गायन से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए थे। इनमें तीन मिनट 10 सेकेंड की आधिकारिक प्रस्तुति निर्धारित की गई थी। इसके साथ ही राष्ट्रगीत बजाए जाने के दौरान मौजूद सभी लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़े रहने को कहा गया था। दिशा-निर्देशों में राष्ट्रपति या राज्यपाल की मौजूदगी वाले औपचारिक सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण छह छंद को बजाने की अनुमति भी दी गई है। इसके अलावा राष्ट्रपति के रेडियो और टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले संबोधन से पहले और बाद में, परेड में राष्ट्रीय ध्वज लाए जाने के समय तथा इसी तरह के अन्य अवसरों पर भी इसके पूर्ण छह छंद की प्रस्तुति को मंजूरी दी गई है। ‘वंदे मातरम्’ के पहले दो छंद को 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने राष्ट्रगीत के रूप में चुना था। 1950 में संविधान सभा ने इसे ‘राष्ट्रीय गीत’ के रूप में मान्यता दी। किसी खेल मैदान में पहली बार राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रगीत बजाए जाने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी आईसीसी आयोजनों में भी राष्ट्रगान के साथ ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति होती है या नहीं। भाषा आनन्द नमितानमिता