सूरियाबंडारा और मेंडिस के संघर्ष के बावजूद भारत सीरीज जीत के करीब
सूरियाबंडारा और मेंडिस के संघर्ष के बावजूद भारत सीरीज जीत के करीब
कोलंबो, 26 अगस्त (भाषा) श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने कुछ समय तक डटकर मुकाबला किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने सही समय पर विकेट लेकर बुधवार को यहां दूसरे और अंतिम टेस्ट के चौथे दिन मेजबान टीम के दूसरी पारी में स्टंप तक 229 रन तक छह विकेट झटक लिए।
स्टंप तक सोनल दिनुषा सात और केशारा नुवांथा तीन रन बनाकर क्रीज पर थे। जैसा कि अब इस मैच में आम हो गया है, शाम की बारिश और खराब रोशनी के कारण खेल रोकना पड़ा।
अब भारत की कोशिश होगी कि पांचवें दिन मैच और सीरीज दोनों अपने नाम कर ले। भारतीय गेंदबाजों के दबदबे से पहले पासिंदु सूरियाबंडारा (92) और कामिंदु मेंडिस (55) के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 115 रन की साझेदारी श्रीलंका की वापसी का मुख्य आधार रही।
सूरियाबंडारा और मेंडिस ने तब मोर्चा संभाला जब श्रीलंका 63 रन तक दो विकेट खोकर संघर्ष कर रहा था। इन दोनों ने अगले 110 मिनट तक भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया।
इस साझेदारी ने श्रीलंका को पहली पारी में 213 रन से पिछड़ने के बाद फॉलोऑन की स्थिति से उबरने में मदद की।
हालांकि, उस दौरान श्रीलंका का प्रदर्शन पहली पारी की तुलना में काफी बेहतर था। पहली पारी में टीम 290 रन पर ऑलआउट हो गई थी और फॉलोऑन के स्कोर से सिर्फ 13 रन दूर रह गई थी। सोनल दिनुशा ने श्रृंखला का अपना दूसरा शतक लगाते हुए 103 रन की पारी खेली थी।
लेकिन सूरियाबंडारा और मेंडिस की साझेदारी की वजह से मैच पांचवें दिन तक खिंच गया जबकि उन्होंने दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज लाहिरू उदारा और कामिल मिशारा के विकेट जल्दी गंवा दिए थे।
इन दोनों की साझेदारी बिल्कुल भी रक्षात्मक नहीं थी। दोनों बल्लेबाजों ने खुलकर बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाजों पर लगातार दबदबा बनाया।
मेंडिस ने मानव सुथार की गेंदों पर दो छक्के जड़े और बाएं हाथ के स्पिनर को दबाव बनाने का बिलकुल भी मौका नहीं दिया।
फिर सूरियाबंडारा ने भी सुथार की गेंद पर स्लॉग-स्वीप करते हुए एक छक्का लगाया। इस सीरीज में पहली बार युवा स्पिनर सुथार संघर्ष करते नजर आए।
मेंडिस ने प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद को पुल करते हुए छक्का लगाकर 87 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके कुछ ही समय बाद ही सूरियाबंडारा ने भी 78 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया।
पर प्रसिद्ध कृष्णा की शॉर्ट-पिच गेंद ने इन दोनों के बीच भागीदारी तोड़ी और शुभमन गिल ने दौड़ते हुए शानदार कैच पकड़कर मेंडिस की पारी समाप्त कर दी।
श्रीलंका ने चाय तक अपनी दूसरी पारी में तीन विकेट पर 199 रन बना लिए थे जिससे उसे पारी की हार से बचने के लिए महज 14 रन की दरकार थी।
लेकिन दिन के अंतिम सत्र ने मैच का पूरा रुख बदल दिया और भारत ने तीन विकेट झटक लिए। कप्तान धनंजय डी सिल्वा सबसे पहले आउट हुए। वह सुथार की गेंद पर देवदत्त पडिक्कल के हाथों में लपके गए।
सूरियाबंडारा अपने पहले टेस्ट शतक की ओर बढ़ते दिख रहे थे, लेकिन एक गलत फैसले ने उनकी पारी का अंत कर गया। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने सुथार की गेंद पर आगे निकलकर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। फिर सुथार ने इस हरकत को भांपते हुए बाहर की ओर गेंद डाली और पंत ने उनकी गिल्लियां बिखेरने में देर नहीं की। इस तरह सूरियाबंडारा 92 रन पर स्टंप आउट हो गए।
इसके बाद काफी टर्न हासिल कर रहे सारांश जैन ने निरोशन डिकवेला को पगबाधा आउट किया जिससे श्रीलंका का स्कोर छह विकेट पर 218 रन हो गया।
दिन का लगभग एक घंटे का खेल बाकी था लेकिन शाम चार बजकर 37 मिनट पर तेज बारिश शुरू हो गई और खेल रोकना पड़ा।
दिन के पहले सत्र में श्रीलंका को एक और खुशी का मौका मिला था, जब सोनल दिनुषा ने रात के 85 रन के स्कोर को अपने शतक में तब्दील किया।
दिनुषा ने जैन की गेंद पर छक्का, स्लॉग-स्वीप और फिर ऑन-साइड में चौका लगाकर तेजी से 90 के आंकड़े को पार किया। इसके बाद दाएं हाथ के बल्लेबाज ने प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर जोरदार पुल शॉट लगाकर अपना शतक पूरा किया और इसका जश्न मनाया।
हालांकि उनकी यह पारी भी श्रीलंका को फॉलोऑन से नहीं बचा सकी।
इस दौरान भारत के लिए चिंता की बात भी हुई क्योंकि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज कैच लेने के लिए डाइव लगाते समय चोटिल हो गए। उन्हें चिकित्सा सहायता के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा, लेकिन कुछ समय बाद वह वापस लौट आए।
दूसरे सत्र में सिराज ने छोटे रन-अप के साथ गेंदबाजी की। तीसरे दिन विकेटकीपिंग से दूर रहने के बाद वापस जिम्मेदारी संभालने वाले पंत भी कई मौकों पर विकेट के काफी करीब खड़े होकर विकेटकीपिंग करते नजर आए।
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर

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