(तपन मोहंता)
कोलकाता, 10 मार्च (भाषा) दिल्ली को 2027 में होने वाले एशिया कप तीरंदाजी के दूसरे चरण की मेजबानी मिली है, जिससे भारत 22 साल में पहली बार किसी शीर्ष अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी करने के लिए तैयार है।
विश्व तीरंदाजी एशिया की यहां हुई बैठक में मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार को इसकी घोषणा की गयी।
भारत ने पिछली बार 2005 में दिल्ली में एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप के रूप में पिछली बार किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी की थी।
तीन दिवसीय दौरे पर कोलकाता आए विश्व तीरंदाजी एशिया के अध्यक्ष काजी राजिब उद्दीन अहमद चपोल ने भारतीय तीरंदाजी संघ के महासचिव वीरेंद्र सचदेवा से मिलकर आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी पर चर्चा के बाद भारत को मेजबानी देने पर अंतिम फैसला किया।
काजी राजिब उद्दीन अहमद चपोल ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमें पूरा भरोसा है कि दिल्ली इसकी बेहतरीन मेजबानी करेगा और इसमें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अगर भारतीय तीरंदाजी संघ चाहेगा तो वे इसकी मेजबानी करेंगे। हम अगले साल होने वाली राष्ट्रमंडल तीरंदाजी चैंपियनशिप के लिए भी दिल्ली स्थल के रूप में चुनने के बारे में सोच रहे हैं।’’
एक और अच्छी खबर यह है कि अहमदाबाद इस साल सितंबर में एशियाई पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा।
इस बीच कोलकाता को भी कई वर्षों बाद एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी करने का मौका मिलेगा क्योंकि उसे 2026 में होने वाली दक्षिण एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप की मेजबानी सौंपी गई है।
शहर ने पिछली बार 2009 में किसी अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी की थी जब उसने एशियाई तीरंदाजी ग्रां प्री 2009 का आयोजन किया था।
कोलकाता को अगले साल सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी चैंपियनशिप की मेजबानी करने का मौका भी मिल सकता है। हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।
इस साल की राष्ट्रीय चैंपियनशिप शिलांग में आयोजित की जाएगी।
भाषा सुधीर आनन्द
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