भारत जूनियर विश्व निशानेबाजी में 30 पदक लेकर शीर्ष पर रहा

भारत जूनियर विश्व निशानेबाजी में 30 पदक लेकर शीर्ष पर रहा

भारत जूनियर विश्व निशानेबाजी में 30 पदक लेकर शीर्ष पर रहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:38 pm IST
Published Date: October 9, 2021 12:26 pm IST

लीमा, नौ अक्टूबर (भाषा) भारतीय निशानेबाज अनीश भानवाला, आदर्श सिंह और विजयवीर सिद्धू ने विश्व जूनियर निशानेबाजी चैंपियनशिप के आखिरी दिन पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता।

भारत इस चैंपियनशिप में सर्वाधिक 30 पदक लेकर शीर्ष पर रहा।

भारतीय तिकड़ी ने शुक्रवार को स्वर्ण पदक के मुकाबले में जर्मनी के फैबियन ओट्टो, फेलिक्स लुका होलफोथ और टोबियास गसोल को हराया।

भारत की मान्वी सोनी (105) ने महिलाओं की जूनियर डबल ट्रैप में स्वर्ण पदक जीता। वह हमवतन येशाया हफीज कांट्रैक्टर (90) और हिताशा (76) से आगे रही। इस स्पर्धा में केवल भारतीय निशानेबाजों ने हिस्सा लिया था।

पुरुषों के डबल ट्रैप में विनय प्रताप सिंह चंद्रावत ने 120 का स्कोर करके सोने का तमगा हासिल किया। सहजप्रीत सिंह (114) ने रजत और मयंक शौकीन (111) ने कांस्य पदक जीता।

आयुषी पोद्दार और ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन मिश्रित टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 17 अंक बनाये। जर्मनी के मैक्स ब्राउन और अन्ना जेनसन (31) ने स्वर्ण पदक जीता।

आयुषी और ऐश्वर्य ने क्वालीफिकेशन दौर में 590 अंक बनाकर विश्व रिकार्ड की बराबरी की थी। निश्चल और सरताज सिंह की एक अन्य भारतीय जोड़ी क्वालीफिकेशन में 574 अंक बनाकर आठवें स्थान पर रही।

रिदम सांगवान और विजयवीर सिद्धू ने इससे पहले 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में मिश्रित टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था।

सांगवान और सिद्धू ने थाईलैंड के कान्याकोर्न हिरुनफोम और श्वाकोन त्रिनिफाकरोन को 9-1 से हराया। तेजस्विनी और अनीश ने थाइलैंड के ही चाविसा पादुका और राम खामहेंग को 10-8 से पराजित करके इस स्पर्धा का कांस्य पदक जीता।

जूनियर महिला 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में प्रसिद्धि महंत, निश्चल और आयुषी पोद्दार ने रजत पदक जीता। उन्हें फाइनल में अमेरिका की एलिजाबेथ मैकगिन, लॉरेन जॉन और कैरोलिन टकर से 43-47 से हार झेलनी पड़ी।

भारत 13 स्वर्ण, 11 रजत और छह कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रहा। अमेरिका छह स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य पदक लेकर दूसरे स्थान पर रहा।

भाषा

पंत

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