काकामिगाहारा (जापान), 21 सितंबर (भाषा) शानदार शुरुआत करने वाली गत चैंपियन भारतीय टीम मंगलवार को एशियाई खेलों की पुरुष हॉकी स्पर्धा के पूल ए के अपने दूसरे मुकाबले में निचली रैंकिंग वाली श्रीलंका के खिलाफ एक और दमदार प्रदर्शन के साथ बड़ी जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी।
गत चैंपियन भारत ने रविवार को कमजोर मानी जा रही इंडोनेशियाई टीम को 13-1 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की थी। ऐसे में मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ भी भारतीय टीम से एकतरफा जीत की उम्मीद है।
इंडोनेशिया के खिलाफ भारत की जीत में आठ खिलाड़ियों ने गोल किए थे। इनमें फारवर्ड दिलप्रीत सिंह चार मैदानी गोल के साथ सबसे आगे रहे।
भारत की 13-1 की जीत में सबसे सकारात्मक पहलू यह रहा कि उसने 10 मैदानी गोल दागे।
दिलप्रीत, सुखजीत, अनुभवी मनदीप सिंह, अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा और राजिंदर सिंह ने तालमेल के साथ मौके बनाए और उन्हें गोल में तब्दील कर भारतीय आक्रमण को बेहद प्रभावी साबित किया।
पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह ने जिम्मेदारी संभाली। प्रतियोगिता के आगे बढ़ने के साथ दोनों से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला भारतीय टीम के लिए अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है और मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन इस मैच में अपने सभी खिलाड़ियों को आजमाना चाहेंगे। इसके बाद पूल चरण में दक्षिण कोरिया और जापान के खिलाफ भारत को कड़ी चुनौती का सामना करना है।
हालांकि फुल्टोन के लिए एक चिंता का विषय यह हो सकता है कि इंडोनेशिया के खिलाफ भारतीय डिफेंस की ज्यादा परीक्षा नहीं हुई थी। श्रीलंका के खिलाफ भी ऐसा ही होने की संभावना है। कोच इस बात से पूरी तरह वाकिफ होंगे और जापान तथा दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुकाबलों से पहले डिफेंस की तैयारियों को परखना चाहेंगे।
लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के बड़े लक्ष्य के अलावा एशियाई खेल भारतीय टीम के लिए हालिया विश्व कप के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आलोचकों को जवाब देने का भी अवसर हैं। विश्व कप में भारत आठवें स्थान पर रहा था।
फुल्टोन एशियाई खेलों में टीम की शुरुआत से खुश हैं लेकिन उन्होंने कहा कि आगे सुधार की गुंजाइश है।
इंडोनेशिया के खिलाफ जीत के बाद इस दक्षिण अफ्रीकी कोच ने कहा, ‘‘पहले मैच से खुश हूं। मुझे लगता है कि लड़कों ने चारों क्वार्टर में अच्छा प्रदर्शन किया। यह आसान मैच नहीं था। हमारे लिए कुछ चरण अच्छे रहे लेकिन निश्चित रूप से सुधार की गुंजाइश है और हम श्रीलंका के खिलाफ मैच में इसी पर ध्यान देंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुश हूं कि तीन अंक मिले और अच्छी शुरुआत हुई लेकिन जाहिर तौर पर कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।’’
श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले के बाद भारत की असली परीक्षा शुरू होगी। हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम को 24 सितंबर को दक्षिण कोरिया और 26 सितंबर को मेजबान जापान का सामना करना है। इन दोनों अहम मुकाबलों से पहले भारतीय टीम अपनी कमियों को दूर करना चाहेगी।
भाषा सुधीर मोना
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