नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) सौर ऊर्जा समाधान प्रदाता प्रीमियर एनर्जीज ने सोमवार को कहा कि उसने आंध्र प्रदेश में सात गीगावाट (जीडब्ल्यू) की परियोजना शुरू करने के साथ अपनी सौर सेल विनिर्माण क्षमता बढ़ाकर 10.6 गीगावाट कर ली है।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि 101 एकड़ में फैली और 3,293 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय से विकसित यह इकाई भारत का सबसे बड़ा सौर सेल विनिर्माण संयंत्र है।
कंपनी ने बताया कि उसने ”आंध्र प्रदेश के नायडू पेटा में सात गीगावाट क्षमता वाली सौर सेल विनिर्माण इकाई शुरू की है, जिससे कंपनी की कुल सौर सेल विनिर्माण क्षमता बढ़कर 10.6 गीगावाट हो गई है।”
इसमें टनल ऑक्साइड पैसिवेटेड कॉन्टैक्ट (टॉपकॉन) नाम की एक उन्नत सौर सेल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो सौर मॉड्यूल की कार्यक्षमता और बिजली उत्पादन क्षमता को काफी बढ़ा देती है। यह इकाई प्रति घंटे लगभग 88,000 सौर सेल का उत्पादन कर सकती है।
प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चिरंजीव सलूजा ने कहा, ”
यह क्षमता विस्तार बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें बढ़ती मांग को अधिक भरोसेमंद और परिचालन दक्षता के साथ पूरा करने में सक्षम बनाता है।”
भाषा पाण्डेय
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