भारत को मुक्केबाजी में सातवां स्वर्ण, लवलीना और जादूमणि को रजत

भारत को मुक्केबाजी में सातवां स्वर्ण, लवलीना और जादूमणि को रजत

भारत को मुक्केबाजी में सातवां स्वर्ण, लवलीना और जादूमणि को रजत
Modified Date: August 1, 2026 / 11:43 pm IST
Published Date: August 1, 2026 11:43 pm IST

ग्लास्गो, एक अगस्त (भाषा) अंकुश पंघाल ने शनिवार को पुरुषों के 80 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को हराकर भारत को राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में सातवां स्वर्ण पदक दिलाया।

अंकुश ने शिट्टू के खिलाफ 4-1 के विभाजित फैसले से जीत दर्ज की।

सचिन सिवाच ने इससे पहले पुरुषों के 60 किग्रा वजन वर्ग के रोमांचक फाइनल में नामीबिया के ट्रायागेन मॉर्निंग एनडेवेलो को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह भारत का छठा स्वर्ण पदक रहा।

सचिन ने शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की। उन्होंने तीसरे और अंतिम राउंड में एनडेवेलो को ‘स्टैंडिंग काउंट’ के लिए मजबूर कर दिया जिसके बाद भारतीय मुक्केबाज ने 3-2 के विभाजित फैसले में जीत दर्ज की।

हालांकि ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में आस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री से खंडित फैसले में 4 . 1 से मिली हार से रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इससे पहले भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी , अरूंधति चौधरी और प्रिया घंघास ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते जबकि पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

अरूंधति ने इंग्लैंड की शेंटेले रीड को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में 5 . 0 से हराया ।

प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।

साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया।

प्रिया को महिलाओं के 60 किग्रा में कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह से कड़ी चुनौती मिली लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 4-1 के विभाजित फैसले से पहला स्थान हासिल किया।

इससे पहले भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला।

लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया।

डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने इस बढ़त को बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत की स्वर्णिम लय को रोक दिया।

महिलाओं के 57 किग्रा फाइनल में जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले से अपने नाम किया।

उन्होंने दूसरे राउंड में शानदार पंच लगाए और सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की।

प्रीति ने स्वर्ण पदक मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की। उन्होंने पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता, जिसमें पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का स्कोर दिया।

बैंथमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।

भाषा नमिता मोना

मोना


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