आईओए ने रणधीर सिंह और जसपाल राणा नाम पर स्मृति पुरस्कारों की घोषणा की
आईओए ने रणधीर सिंह और जसपाल राणा नाम पर स्मृति पुरस्कारों की घोषणा की
नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पी.टी. उषा ने दिग्गज खेल प्रशासक राजा रणधीर सिंह और एशियाई व राष्ट्रमंडल खेलों के कई पदक विजेता तथा मशहूर पिस्टल कोच जसपाल राणा के नाम पर मंगलवार को दो नए स्मृति पुरस्कारों की घोषणा की।
रणधीर सिंह ने 1987 से 2012 तक 25 वर्षों तक आईओए के महासचिव के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। वह एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के अध्यक्ष भी रहे। इस वर्ष मई में 79 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था।
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के कोच रहे जसपाल राणा का जून में 49 वर्ष की उम्र में निधन हुआ।
उषा ने यहां वरिष्ठ खेल पत्रकार एस. कन्नन और जी. राजारमन द्वारा लिखित जसपाल राणा पर आधारित पुस्तक ‘मैवरिक जसपाल’ के विमोचन के दौरान इन पुरस्कारों की घोषणा की।
उन्होंने कहा, ‘‘आईओए ने इस वर्ष से एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के लिए दिग्गज राजा रणधीर सिंह और महान निशानेबाज जसपाल राणा के नाम पर दो स्मृति ट्रॉफियां शुरू करने का फैसला किया है।’’
उषा ने बताया कि राजा रणधीर सिंह ट्रॉफी एशियाई खेलों के सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी को, जबकि जसपाल राणा ट्रॉफी सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी को प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन पुरस्कारों के जरिए भारतीय खेलों में दोनों के योगदान को सम्मानित किया जाएगा।
उषा ने कहा कि एशियाई खेलों की मेजबानी कर रहे जापान के आइची-नागोया में भारतीय दल के आवास को लेकर फिलहाल कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई दिक्कत सामने आती है तो दल के ‘शेफ डी मिशन (प्रमुख)’ सहदेव यादव उसे संभालेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘आयोजकों को कमरे उपलब्ध कराने होंगे, यह उनकी जिम्मेदारी है। हमारी ओर से भी हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे। हमारे पास ‘शेफ डी मिशन’ हैं और अगर कोई समस्या आती है तो वह उसका समाधान करेंगे।”
उषा बुधवार को जापान के लिए रवाना होंगी।
भारतीय क्रिकेट टीमों के आवास से जुड़ी समस्याओं के बारे में पूछे जाने पर उषा ने कहा, “मुझे उनसे ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। वे सभी खिलाड़ी हैं और हम सभी ‘टीम इंडिया’ हैं।”
आईओए अध्यक्ष ने कहा कि वह एशियाई खेलों में हिस्सा लेने जा रहे भारतीय खिलाड़ियों पर किसी तरह का दबाव नहीं डालना चाहतीं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने खिलाड़ियों पर कोई दबाव नहीं डालना चाहती। मेरा मानना है कि वे सभी आत्मविश्वास के साथ वहां गए हैं। उम्मीद है कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। भारत सरकार, खेल मंत्रालय और आईओए ने उन्हें उनकी जरूरत की सभी चीजें पहले ही उपलब्ध करा दी हैं।’’
भाषा
आनन्द सुधीर
सुधीर

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