Indian Athletes Selection baned : दिल्ली हाईकोर्ट ने शीतकालीन ओलंपिक के इन दो खिलाड़ियों के चयन पर लगाई रोक, जानें क्या है पूरा मामला
Winter Olympics two Indian athletes selection baned: दिल्ली उच्च न्यायालय ने शीतकालीन ओलंपिक के लिए भारत के दो खिलाड़ियों के चयन पर रोक लगाई
Winter Olympics two Indian athletes selection baned ,image source; ANI
- स्टांजिन लुंडुप का नाम भेजे जाने के आईओए के फैसले को चुनौती
- मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को
- दिल्ली उच्च न्यायालय ने अंतिम निर्णय को लंबित कर दिया
नयी दिल्ली: इटली के मिलान और कोर्टिना में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक खेलों में अब दो सप्ताह से भी कम समय बचा है, लेकिन भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की तदर्थ समिति द्वारा दो भारतीय खिलाड़ियों के चयन पर फिलहाल रोक लग गई है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस चयन प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए अंतिम निर्णय को लंबित कर दिया है।
स्टांजिन लुंडुप का नाम भेजे जाने के IOA के फैसले को चुनौती
दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर याचिका में क्रॉस-कंट्री स्कीयर मंजीत ने 2026 शीतकालीन ओलंपिक के लिए क्रॉस-कंट्री स्कीइंग स्पर्धा में स्टांजिन लुंडुप का नाम भेजे जाने के आईओए के फैसले को चुनौती दी है।
मंजीत ने दलील दी है कि अंतरराष्ट्रीय स्की और स्नोबोर्ड महासंघ (एफआईएस) की रैंकिंग में उनसे ऊपर होने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया। उन्होंने याचिका में चयन प्रक्रिया में प्रक्रियागत खामियों और हितों के टकराव के आरोप भी लगाए हैं। यह चयन आईओए द्वारा स्की एंड स्नोबोर्ड इंडिया के संचालन के लिए गठित तदर्थ समिति ने किया था।
भारत ने 2026 शीतकालीन ओलंपिक (छह से 22 फरवरी) के लिए दो कोटे हासिल किए हैं। इनमें से पहला कोटा अल्पाइन स्कीयर आरिफ खान ने अपनी विश्व रैंकिंग के आधार पर अर्जित किया था। आरिफ खान 2022 शीतकालीन ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी थे।
न्यायमूर्ति अमित शर्मा की एकल पीठ ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा, “यह कहना पर्याप्त है कि आगामी ओलंपिक शीतकालीन खेल मिलानो-कोर्टिना 2026 के लिए खिलाड़ियों के नामों का चयन या भेजा जाना वर्तमान याचिका के परिणाम के अधीन रहेगा।”
मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को
याचिका में मंजीत ने कहा कि पात्रता मानदंडों के अनुसार वह एफआईएस रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर थे, इसके बावजूद लुंडुप का नाम आगे भेज दिया गया।
खेल मंत्रालय ने अदालत में अपने पक्ष में कहा कि भारत को क्रॉस-कंट्री स्कीइंग में कोटा कैसे मिला, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है क्योंकि सार्वजनिक डोमेन में इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी।
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