बेंगलुरू, 24 सितंबर (भाषा) दुनिया की 44वें नंबर की टीम पनामा के खिलाफ शुक्रवार को यहां होने वाले अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना फुटबॉल मैच के जरिये भारतीय खिलाड़ियों के पास महत्वपूर्ण अनुभव लेने का सुनहरा मौका होगा ।
श्री कांतिरावा स्टेडियम पर होने वाले इस मैच के बाद भारत को तीन अक्टूबर को पांच बार की विश्व चैम्पियन ब्राजील और छह अक्टूबर को दो बार की विजेता उरूग्वे से कोलकाता में खेलना है ।
सिर्फ 40 लाख 65 हजार की आबादी वाला पनामा 2018 और 2026 फीफा विश्व कप खेल चुका है । वह कोंकाकाफ नेशंस लीग में भी उपविजेता रहा था ।
विश्व कप 2026 में उसने ग्रुप एल से बाहर होने से पहले इंग्लैंड , क्रोएशिया और घाना जैसे दिग्गजों को चुनौती दी थी ।
दूसरी ओर भारत एशियाई स्तर पर पुरजोर उपस्थिति दर्ज कराने के लिये जूझ रहा है । पिछले कुछ अर्से में घरेलू ढांचे में उथल पुथल का भी असर पड़ा है ।
अगर खालिद जमील की टीम अगले कुछ दिनों में दिग्गज टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर पाती है तो भारतीय फुटबॉल में नया आत्मविश्वास पैदा होगा ।
जमील ने कहा ,‘‘ हमारे लिये यह बहुत महत्वपूर्ण विंडो है । विश्व कप खेल चुकी तीन टीमों के खिलाफ चुनौतीपूर्ण मुकाबले खेलने हैं । कोलकाता में ब्राजील और उरूग्वे और बेंगलुरू में पनामा का सामना करने से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव मिलेगा ।’’
पनामा की टीम में 14 खिलाड़ी ऐसे हैं जो विश्व कप खेल चुके हैं । वहीं 24 में से 22 खिलाड़ियों के पास अमेरिका में मेजर सॉकर लीग और तुर्किये, मैक्सिको , आस्ट्रिया में लीग खेलने का अनुभव है ।
भाषा मोना आनन्द
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