होर्सेंस (डेनमार्क), 23 अप्रैल (भाषा) आयुष शेट्टी के हाल में शानदार प्रदर्शन तथा अनुभवी खिलाड़ियों के दम पर भारतीय पुरुष टीम शुक्रवार से यहां शुरू होने वाले बीडब्ल्यूएफ थॉमस कप फाइनल्स में फिर से खिताब जीतने के लिए कोर्ट पर उतरेगी, जबकि उबर कप में महिला टीम अपनी क्षमता से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।
भारत थामस कप में शुक्रवार को कनाडा के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। इसके बाद वह सोमवार (27 अप्रैल) को ऑस्ट्रेलिया और बुधवार (29 अप्रैल) को चीन के खिलाफ खेलेगा।
भारत ने चार साल पहले थॉमस कप का खिताब अपने नाम करके अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की थी। थामस कप को बैडमिंटन की विश्व टीम चैंपियनशिप माना जाता है।
किदाम्बी श्रीकांत और एचएस प्रणय की अगुवाई में भारत ने डेनमार्क, मलेशिया और इंडोनेशिया को हराकर भारतीय बैडमिंटन इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा था। श्रीकांत तब अजेय रहे थे जबकि प्रणय तथा सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने भी अहम भूमिका निभाई थी।
इसके दो साल बाद भारत क्वार्टर फाइनल में चीन से हार के कारण खिताब का बचाव नहीं कर पाया था।
अब बात करते हैं 2026 की। भारत की मुख्य टीम वही है लेकिन अब उसमें आयुष जैसे उभरते सितारे का जोश भी शामिल है।
आयुष ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया और 61 साल बाद फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। लक्ष्य सेन भी अच्छी फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले महीने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल किया था।
सात्विक के कंधे की चोट से उबरने के बाद वह और उनके साथी चिराग तरोताजा होकर वापसी कर रहे हैं। इन सब स्थितियों को देखते हुए भारत के पास खिताब जीतने का अच्छा मौका है।
पूर्व भारतीय कोच विमल कुमार ने कहा, ‘‘हमारे पास थॉमस कप फिर से जीतने का अच्छा मौका है। एकल में आयुष और लक्ष्य तथा युगल में सात्विक और चिराग हैं। मुझे लगता है कि सब कुछ सही होगा। भारत और चीन को इस ग्रुप से आगे बढ़ना चाहिए।’’
भारत को जीत दिलाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से युवा खिलाड़ियों पर होगी, क्योंकि श्रीकांत और प्रणय अच्छी फॉर्म में नहीं हैं। भारत हालांकि उनके अनुभव पर भरोसा करेगा, लेकिन वह तीसरे एकल मैच के लिए किरण जॉर्ज काे भी कोर्ट पर उतार सकता है। हरिहरन अमसाकरुनन और एम आर अर्जुन दूसरे युगल मैच की जिम्मेदारी संभालेंगे।
भारत को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। भारतीय टीम को हालांकि कनाडा के विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता विक्टर लाई से कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है।
चीन भी अब पहले की तरह मजबूत नहीं है और भारत उसे हराने में सक्षम है।
उबर कप की बात करें तो दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के नेतृत्व वाली भारतीय महिला टीम को यूरोपीय टीम चैंपियनशिप के उपविजेता डेनमार्क, कांस्य पदक विजेता यूक्रेन और 16 बार के चैंपियन चीन के साथ एक ग्रुप में रखा गया है।
भारतीय टीम शुक्रवार (24 अप्रैल) को डेनमार्क, शनिवार (25 अप्रैल) को यूक्रेन और सोमवार (27 अप्रैल) को चीन का सामना करेगी।
भारत ने 2014 और 2016 में कांस्य पदक जीते हैं, लेकिन इस बार चुनौती कड़ी होगी, खासकर गायत्री गोपीचंद और त्रीसा जॉली के बिना जो चोट के कारण इस प्रतियोगिता में नहीं खेल पाएंगी।
भारत के पास युवा खिलाड़ियों का एक मजबूत आधार है। इनमें विश्व जूनियर चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता तन्वी शर्मा, थाईलैंड ओपन सुपर 300 की विजेता देविका सिहाग, तीन सुपर 100 खिताब और दो इंटरनेशनल चैलेंज खिताब जीतने वाली उन्नति हुडा और ईशरानी बरुआ शामिल हैं।
त्रीसा और गायत्री की अनुपस्थिति में प्रिया कोंजेंगबम और श्रुति मिश्रा की जोड़ी दूसरे युगल मुकाबले की जिम्मेदारी संभालेगी, जबकि कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी के पहले युगल मुकाबले खेलने की संभावना है। इसके अलावा तनीशा क्रास्टो का अनुभव भी काम आएगा।
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