(मोना पार्थसारथी)
एम्सटेलवीन, 26 अगस्त (भाषा ) पूरे टूर्नामेट में सिर्फ एक मैच हारने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाने के गम को भुलाकर बृहस्पतिवार को यहां अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को हराते हुए विश्व कप में पांचवें स्थान के साथ विदा लेने के इरादे से उतरेगी और मैच का नतीजा चाहे जो हो, यह पिछले 52 साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा ।
इस साल शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय महिला टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है । आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे पूल चरण का आखिरी मैच अगर गोलरहित ड्रॉ नहीं रहता तो भारतीय टीम सेमीफाइनल खेल रही होती । तीन दिन के ब्रेक ने उस हार की मायूसी को भुलाने में मदद की होगी और अब पांचवीं रैंकिंग वाली दो बार की चैम्पियन जर्मन टीम की कठिन चुनौती का सामना करना है जो विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैचों में उसे हरा चुकी है ।
इससे पहले हुए 15 विश्व कप में से आठ ही खेल सकी भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में फ्रांस में ही पहले टूर्नामेंट में रहा था जब अजिंदर कौर की कप्तानी में टीम चौथे स्थान पर रही थी । एम्सटेलवीन और स्पेन के टेरेसा में खेले गए विश्व कप में भारतीय टीम नौवें स्थान पर रही थी ।
पहली बार विश्व कप खेल रही 11 युवा खिलाड़ियों को लेकर उतरे कोच शोर्ड मारिन की टीम ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है और अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले उसका आत्मविश्वास बढा होगा जहां स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये सीधे क्वालीफाई करने का मौका है ।
टूर्नामेंट की शुरूआत में ही ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय टीम ने दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया और छह अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किये । आखिरी पूल मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर भारत ने पूल डी में दूसरे स्थान पर रहकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी । दूसरे दौर में ओलंपिक और विश्व कप चैम्पियन नीदरलैंड को भारत ने खुलकर खेलने नहीं दिया और मेजबान टीम पेनल्टी कॉर्नर पर ही दो गोल कर सकी । यह टूर्नामेंट में भारत की एकमात्र हार थी और उसे अगले मैच में हर हालत में आस्ट्रेलिया को हराना था लेकिन वह मैच भी गोलरहित ड्रॉ रहा जिससे सेमीफाइनल खेलने का सपना टूट गया ।
कोच मारिन ने कहा कि टीम अब तरोताजा होकर आखिरी मैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी ।
उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले मैच में मिले झटके से उबरने के लिये यह विश्राम बहुत जरूरी था । अब नये जोश और ताजगी के साथ टीम जर्मनी के खिलाफ खेलेगी ।’
उन्होंने कहा ,‘‘ सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाने की निराशा से टीम उबर चुकी है और अब पूरा फोकस जर्मनी को हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट से विदा लेने पर है । हम अपने खेल में सुधार और एशियाई खेलों के लिये बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं ।’’
भारतीय डिफेंडरों खासकर गोलकीपर बिछू देवी और सविता ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करके कई गोल बचाये हैं । कप्तान सलीमा टेटे की रशिंग बेहतरीन रही है जबकि मिडफील्ड में अनुभवी नेहा के साथ सुनेलिटा टोप्पो और साक्षी ने अच्छा प्रदर्शन किया और फॉरवर्ड पंक्ति में नवनीत कौर, दीपिका और लालरेम्सियामी के साथ इशिका और बलजीत जैसी युवा खिलाड़ियों ने प्रभावित किया । जर्मनी जैसी शीर्ष टीम के खिलाफ उन्हें हालांकि हर मौके को भुनाना होगा क्योंकि ऐसी टीमों से ज्यादा मौके नहीं मिलते ।
जर्मन टीम की कोच यानिके शॉपमैन हैं जो पहले भारतीय टीम की कोच रह चुकी हैं और इन खिलाड़ियों को बखूबी जानती हैं । तोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर पहुंचने के भारतीय टीम के सफर में शॉपमैन मुख्य कोच मारिन की सहायक रह चुकी हैं । उनके इस्तीफे के बाद 2021 में वह भारतीय महिला टीम की मुख्य कोच बनी लेकिन पेरिस ओलंपिक के लिये टीम के क्वालीफाई नहीं कर पाने के बाद इस्तीफा दे दिया था ।
जर्मनी की टीम पूल एफ में अर्जेंटीना और सह मेजबान बेल्जियम के बाद तीसरे स्थान पर रही थी । पहले दौर के मुकाबले बेल्जियम के वॉवरे में खेलने वाली जर्मन टीम ने स्कॉटलैंड और अमेरिका को हराया लेकिन अर्जेंटीना से हार गई । दूसरे दौर में उसे सह मेजबान बेल्जियम ने हराया लेकिन आखिरी मैच में स्पेन को हराकर वह पूल एफ में तीसरे स्थान पर रही ।
भारतीय कोच मारिन ने जर्मनी को कठिन प्रतिद्वंद्वी बताते हुए कहा कि उनके खिलाड़ियों का फोकस अपने प्रदर्शन पर रहेगा ।
उन्होंने कहा ,‘‘ जर्मनी बहुत अच्छी टीम है और विश्व कप से पहले हम दो अभ्यास मैचों में उसे हरा नहीं सके थे । हमारा फोकस हालांकि अपने प्रदर्शन में सुधार पर रहेगा । इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सामने कौन सी टीम है ।’
भाषा मोना
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