भारतीय महिला टीम ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड पर बड़ी जीत से चार विकेट दूर
भारतीय महिला टीम ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड पर बड़ी जीत से चार विकेट दूर
लंदन, 12 जुलाई (भाषा) विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया के शानदार शतक के बाद भारतीय गेंदबाजों ने रविवार को यहां तीसरे दिन परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए लार्ड्स पर पहले महिला टेस्ट में मेहमान टीम को इंग्लैंड पर बड़ी जीत के करीब पहुंचा दिया।
यास्तिका (158 गेंद में 14 चौके से 158 रन) इस मशहूर मैदान पर पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं जिससे भारत ने तीसरे दिन चाय के विश्राम से पहले दूसरी पारी सात विकेट पर 341 रन पर घोषित कर इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा।
तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ के ‘सीम मूवमेंट’ का सामना करने में नाकाम रही घरेलू टीम की बल्लेबाजों ने एक बार फिर निराशाजनक प्रदर्शन किया और स्टंप के समय इंग्लैंड का स्कोर छह विकेट पर 130 रन था। टीम अब भी 327 रन से पीछे है जबकि भारत को बस चार विकेट की दरकार है।
गौड़ को दूसरे छोर से तेज गेंदबाज सयाली सतघरे का अच्छा साथ मिला। गौड़, स्नेह राणा और सतघरे ने दो दो विकेट हासिल किए।
गौड़ ने पारी की अपनी पहली ही गेंद पर टैमी ब्यूमोंट का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म कर दिया। उनकी एक बेहतरीन गेंद पिच से तेजी से अंदर की ओर आई जिससे ब्यूमोंट की पारी समाप्त हुई।
कुछ गेंदें नीची रह रही थीं, जिससे इंग्लैंड के बल्लेबाजों को काफी परेशानी हो रही थी।
सतघरे ने ऑफ-स्टंप के काफी बाहर से गेंद को अंदर की ओर सीम कराया और माइया बूचियर को पगबाधा आउट कर दिया।
ब्यूमोंट की तरह इंग्लैंड की दिग्गज खिलाड़ी हीथर नाइट (13) के लिए भी यह विदाई यादगार नहीं रही। गौड़ की गेंद पर शॉर्ट लेग पर ऋचा घोष ने उनका कैच लपका जिससे 14वें ओवर में टीम का स्कोर चार विकेट पर 34 रन हो गया।
एमी जोन्स (नाबाद 52 रन) और मैडी विलियर्स (26 रन) ने छठे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी करके इंग्लैंड के लिए संघर्ष किया और मैच को चौथे दिन तक खींच ले गईं। ऋचा ने विलियर्स को आउट करने के लिए सिली प्वाइंट पर एक शानदार कैच पकड़ा।
वहीं यास्तिका ने लंच के बाद के सत्र में 91 रन से आगे खेलते हुए चाय ब्रेक के ठीक पहले वाले ओवर में शतक पूरा किया। उन्होंने इसी वोंग की गेंद पर एक रन लेकर अपना यादगार पहला टेस्ट शतक जड़ा।
घोष की 52 गेंदों में आठ चौके से नाबाद 50 रन की पारी के बाद भारत ने सात विकेट पर 341 रन पर अपनी दूसरी पारी घोषित की।
दूसरे सत्र में तीन विकेट गिरे जिसमें यास्तिका का विकेट भी शामिल था। दीप्ति शर्मा (10 रन) और यास्तिका के आउट होने के बाद ऋचा ने आक्रामक अंदाज में अर्धशतक लगाया जो उनका तीसरा टेस्ट अर्धशतक था।
इंग्लैंड की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने शानदार गेंदबाजी की, वह टीम की सबसे सफल गेंदबाज रहीं जिन्होंने 33.3 ओवर में 118 रन देकर पांच विकेट लिए।
दूसरी पारी एक विकेट पर 154 रन पर शुरू करने के बाद सुबह के सत्र में तीन विकेट गिरने के बावजूद भारत तीसरे दिन लंच तक चार विकेट पर 250 रन तक पहुंच गया, तब यास्तिका अपने यादगार शतक की ओर बढ़ रही थीं।
स्मृति मंधाना (70 रन, 130 गेंद) सत्र की शुरुआत में ही लॉरेन बेल की गेंद पर लेग-साइड की ओर कैच आउट हो गईं।
तेज गेंदबाज बेल इस सत्र की सबसे सफल गेंदबाज रहीं, उन्होंने मंधाना के अलावा जेमिमा रोड्रिग्स (12 गेंद में तीन रन) को भी पवेलियन भेजा। उनकी रोड्रिग्स को डाली गई गेंद शानदार थी जो तेजी से अंदर की ओर मुड़कर स्टंप्स से जा टकराई।
हरमनप्रीत कौर (34 गेंद में 16 रन) लय में नहीं दिखीं और आखिरकार बाएं हाथ की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन का शिकार बनीं। एक्लेस्टोन ने भारतीय कप्तान को सीधी गेंद पर पगबाधा आउट किया। मैदान पर मौजूद अंपायर ने शुरुआत में उन्हें आउट नहीं दिया, लेकिन एक्लेस्टोन ने डीआरएस लिया और फैसला उनके पक्ष में गया।
यास्तिका की बल्लेबाजी की खासियत स्पिनरों के खिलाफ पैरों का अच्छा इस्तेमाल और तेज गेंदबाजों के खिलाफ शानदार स्ट्रेट ड्राइव रही।
सुबह यास्तिका ने 39 रन से पारी आगे बढ़ाते हुए दिन की शुरूआत बेल की गेंद पर बेहतरीन स्ट्रेट ड्राइव के साथ की। बेल की गेंद पर एक और स्ट्रेट ड्राइव लगाकर उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया।
पहली पारी में 285 रन बनाने वाली भारतीय टीम ने दूसरे दिन इंग्लैंड को 170 रन पर आउट करके मैच पर पकड़ बना ली थी।
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द

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