अनुभवी की कमी के कारण भारतीय महिला टीम ओलंपिक क्वालीफिकेशन से चूकीं: डोला

अनुभवी की कमी के कारण भारतीय महिला टीम ओलंपिक क्वालीफिकेशन से चूकीं: डोला

अनुभवी की कमी के कारण भारतीय महिला टीम ओलंपिक क्वालीफिकेशन से चूकीं: डोला
Modified Date: November 29, 2022 / 08:23 pm IST
Published Date: June 21, 2021 2:29 pm IST

कोलकाता, 21 जून (भाषा) महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम के पहली बार ओलंपिक क्वालीफिकेशन से चूकने को अनुभव की कमी बताते हुए पूर्व विश्व कप चैंपियन डोला बनर्जी ने कहा कि भारतीय तिकड़ी में दिग्गज दीपिका कुमारी के साथ एक और अनुभवी नाम होना चाहिए था।

भारतीय महिला टीम ने 2004 के एथेंस ओलंपिक में तीरंदाजी के पदार्पण के बाद पहली बार इन वैश्विक खेलों का टिकट हासिल करने से चूक गयी। दीपिका, अंकिता भकत और कोमलिका बारी की तिकड़ी रविवार को पेरिस में आखिरी ओलंपिक क्वालीफायर के अपने शुरुआती दौर में कोलंबिया से हारने के बाद ओलंपिक की दौड़ से बाहर हो गयी।

डोला ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ यह विश्वास करना मुश्किल हो रहा है। भारतीय महिला टीम ओलंपिक में पदक की दावेदारों में शामिल थी लेकिन क्वालीफाई भी नहीं कर सकी। ’’

भारतीय टीम ने इससे पहले शानदार शुरूआत की थी जिसमें दीपिका ने 674 का शीर्ष व्यक्तिगत स्कोर किया था। इससे टीम ने क्वालीफिकेशन में दूसरे स्थान पर रहते हुए एलीमिनेशन दौर में सीधे प्रवेश किया था।

एलीमिनेशन के पहले दौर में ही हालांकि टीम को कोलंबिया के खिलाफ 6-0 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। भारतीय खिलाड़ियों ने तीन दौर में क्रमश: 54, 49, 52 के स्कोर किये।

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा नहीं है कि कोलंबिया ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन हमारे निशानेबाजों ने औसत से खराब प्रदर्शन किया। वे अभ्यास में भी 57-58 का स्कोर बना रहे थे। भारत ने दूसरे सेट में जब सिर्फ 49 का स्कोर किया तब कोलंबिया ने आसानी से बढ़त हासिल कर ली।

भारत के 2019 विश्व चैंपियनशिप से क्वालीफाई करने में विफल रहने के बाद टीम ने तीन बार की ओलंपियन और सबसे अनुभवी तीरंदाज लैशराम बोम्बायला देवी के स्थान पर बाएं हाथ की अंकिता भक्त शामिल किया।

डोला ने कहा, ‘‘ मैं यह नहीं कह सकती कि अगर हमारे पास बोम (बोम्बयाला) होती तो हम क्वालीफाई कर ही लेते लेकिन अनुभव निश्चित रूप से मायने रखता है। जब आपके पास दो अनुभवी तीरंदाज हों तो एक दूसरे के खराब निशाने की भरपाई हो सकती है।’’

डोला ने कहा, ‘‘ अगर सीनियर खिलाड़ी का निशाना चूक गया तो जूनियर तीरंदाज नर्वस हो जाते है। अंकिता और कोमालिका को इस स्तर पर कम अनुभव है।’’

तरुणदीप राय, अतनु दास और प्रवीण जाधव की पुरुष टीम के साथ भारत के पास अब तोक्यो में चार तीरंदाज होंगे। दीपिका अपने लगातार तीसरे ओलंपिक में महिला वर्ग में इकलौती प्रतिनिधि होंगी।

भाषा आनन्द

आनन्द


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