ठंड के कारण ग्लास्गो में प्रदर्शन में आयी गिरावट, देशवासियों का चाहिये साथ: नदीम
ठंड के कारण ग्लास्गो में प्रदर्शन में आयी गिरावट, देशवासियों का चाहिये साथ: नदीम
(फाइल तस्वीरों के साथ)
लाहौर, छह अगस्त (भाषा) पाकिस्तान के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम ने कहा है कि ग्लास्गो में हाल में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर की गई अपमानजनक टिप्पणियों ने उन्हें आहत किया।
पेरिस ओलंपिक 2024 में 92.97 मीटर के ओलंपिक रिकॉर्ड थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले नदीम ने कहा कि ग्लास्गो में उनके खराब प्रदर्शन की मुख्य वजह अत्यधिक ठंड रही। ठंड के कारण शरीर अकड़ गया और मांसपेशियों में जकड़न आ गई जिससे वह थ्रो के लिए आवश्यक गति और लय हासिल नहीं कर सके।
हाल में संपन्न 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में नदीम 77.41 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ नौवें स्थान पर रहे। उन्होंने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों 2022 में 90.18 मीटर के तत्कालीन खेल रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था।
नदीम ने कहा, ‘‘मैं अपने प्रदर्शन के लिए बहाने नहीं बनाना चाहता, लेकिन जो लोग मेरे बारे में अपमानजनक और दिल दुखाने वाली टिप्पणियां कर रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि मैं भी इस देश की मिट्टी का बेटा हूं और पहले भी अपने देश के लिए पदक जीत चुका हूं।’’
नदीम के लिए फाइनल में क्वालीफाई करने वाले आठ खिलाड़ियों जगह बनाने में विफल रहना सबसे निराशाजनक रहा। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिरागे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। भारत के नीरज चोपड़ा ने रजत और यश वीर सिंह ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में यह पहला अवसर रहा जब भाला फेंक स्पर्धा के पोडियम पर भारत के दो खिलाड़ियों ने एक साथ स्थान बनाया।
नदीम ने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मिली शोहरत और पैसों ने न तो उन्हें घमंडी बनाया है और न ही उनकी सोच बदली है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे माता-पिता ने मुझे हमेशा जमीन से जुड़ा रहना और अपनी जड़ों को कभी न भूलना सिखाया है। पैसे और नाम मिलने के बाद भी मुझमें कोई घमंड नहीं आया है।’’
उन्होंने यह भी बताया कि फाइनल में कई अन्य खिलाड़ी भी असामान्य ठंड के कारण संघर्ष करते नजर आए, जिसकी वजह से कई फाउल थ्रो भी हुए।
नदीम ने कहा, ‘‘ठंड के मौसम में भाला फेंक खिलाड़ी के लिए शरीर की मांसपेशियों और थ्रो की लय को लगातार बनाए रखना बेहद कठिन हो जाता है।’’
उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा अपने देशवासियों के समर्थन की जरूरत रही है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वे जल्द ही फिर से विजयी प्रदर्शन करेंगे।
नदीम ने कहा, ‘‘मेरा काम पूरी मेहनत और समर्पण के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देना है। आखिरकार मेरे लिए क्या तय है, यह अल्लाह की मर्जी पर निर्भर करता है। मैं सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर सकता हूं। राष्ट्रमंडल खेलों के प्रदर्शन को मैंने स्वीकार कर लिया है क्योंकि मुझे पता है कि मैं इससे कहीं बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हूं।’’
नदीम अब 21 अगस्त को होने वाली एथलेटिसिमा (लुसाने डायमंड लीग) में चुनौती पेश करेंगे। इस प्रतियोगिता में नीरज और थरंगा सहित दुनिया के शीर्ष भाला फेंक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
भाषा आनन्द नमिता
नमिता

Facebook


