आईओसी ने रणधीर के निधन पर शोक जताया, तीन दिन तक आधा झुका रहेगा ओलंपिक ध्वज

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आईओसी ने रणधीर के निधन पर शोक जताया, तीन दिन तक आधा झुका रहेगा ओलंपिक ध्वज

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  • Publish Date - May 27, 2026 / 10:36 PM IST,
    Updated On - May 27, 2026 / 10:36 PM IST

लुसाने (स्विट्जरलैंड), 27 मई (भाषा) अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने बुधवार को अनुभवी भारतीय खेल प्रशासक रणधीर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके सम्मान में यहां स्थित आईओसी मुख्यालय पर तीन दिनों तक ओलंपिक ध्वज आधा झुका रहेगा।

आईओसी की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने रणधीर को ‘ओलंपिक आंदोलन के लिए उनकी असाधारण सेवाओं’ के लिए श्रद्धांजलि दी।

रणधीर का बुधवार को नयी दिल्ली स्थित उनके आवास पर उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझने के बाद निधन हो गया। इसके साथ ही देश के खेल जगत में एक युग का अंत हो गया जिस पर उन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में अपनी अमिट छाप छोड़ी थी।

आईओसी ने एक बयान में रणधीर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘‘आईओसी को अपने मानद सदस्य राजा रणधीर सिंह के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ है… उनका जाना ओलंपिक आंदोलन के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके सम्मान में ओलंपिक हाउस में तीन दिन तक ओलंपिक ध्वज आधा झुका रहेगा।’’

रणधीर ने 2001 से 2014 तक आईओसी के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में कार्य किया जिसके बाद उन्हें मानद सदस्य बनाया गया।

आईओसी ने कहा, ‘‘दुनिया भर में बेहद सम्मानित, वे पांच बार के ओलंपियन और एशियाई खेलों के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक थे। उन्होंने भारत, एशिया और पूरी दुनिया में ओलंपिक आंदोलन के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। अपने असाधारण करियर के दौरान राजा रणधीर सिंह भारत और एशिया में ओलंपिक आंदोलन के विकास में एक केंद्रीय व्यक्ति और वैश्विक खेल समुदाय के भीतर एक विश्वसनीय आवाज बन गए।’’

रणधीर को श्रद्धांजलि देते हुए कोवेंट्री ने कहा, ‘‘एक ओलंपियन, एक आईओसी सदस्य और एशियाई खेल जगत के एक नेता के तौर पर उन्होंने कई दशकों तक ओलंपिक आंदोलन की असाधारण निष्ठा, बुद्धिमत्ता और उदारता के साथ सेवा की। उन्हें ना केवल उनकी उल्लेखनीय सेवा और नेतृत्व के लिए याद किया जाएगा, बल्कि उनकी गर्मजोशी, दोस्ती और खेलों के प्रति आजीवन समर्पण के लिए भी याद किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की ओर से मैं उनके परिवार, उनके दोस्तों और ओलंपिक आंदोलन से जुड़े उन सभी लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं जिन्हें उनके साथ काम करने का सौभाग्य मिला।’’

भाषा सुधीर

सुधीर