(श्रुति भारद्वाज)
नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) दिल्ली सरकार ने आवासीय मकानों में बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) इकाई संचालित करने के लिए नई नीति का मसौदा जारी किया है जिसमें अधिकतम आठ कमरों और 16 बिस्तरों तक की अनुमति देने का प्रस्ताव है।
दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग की तरफ से जारी मसौदा प्रस्ताव में गोल्ड और सिल्वर के रूप में दो श्रेणियां रखने की बात कही गई है।
नाश्ता सहित ठहरने की सुविधा देने वाली इन इकाइयों का वर्गीकरण कमरे के आकार, सुविधाओं, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों के आधार पर किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि गोल्ड श्रेणी के लिए कमरों का न्यूनतम आकार 120 वर्ग फुट और बेहतर सुविधाएं अनिवार्य होंगी, जबकि सिल्वर श्रेणी में 100 वर्ग फुट के कमरे और बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त होंगी।
मसौदे में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सभी बीएंडबी इकाइयों के लिए अतिथि रजिस्टर रखना, पुलिस सत्यापन कराना और विदेशी मेहमानों से जुड़े नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, आग बुझाने का उपकरण, प्राथमिक उपचार किट और आपात संपर्क विवरण रखना जरूरी होगा। सीसीटीवी कैमरों को केवल प्रवेश द्वार और सामान्य क्षेत्रों तक सीमित रखने का प्रस्ताव है।
मसौदा नीति के मुताबिक, कमरों और साझा स्थानों की नियमित सफाई, कचरे का पृथक्करण और पर्याप्त खुली हवा सुनिश्चित करनी होगी। परिसर में मालिक या केयरटेकर की उपलब्धता भी अनिवार्य रहेगी।
एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि केवल आवासीय संपत्तियां ही बीएंडबी योजना के दायरे में आएंगी और इन इकाइयों में रेस्टोरेंट, बार या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।
अधिकारी ने कहा कि इस नीति से सस्ते और स्थानीय अनुभव वाले ठहराव को बढ़ावा मिलेगा और निवासियों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी पैदा होंगे।
इस मसौदे पर हितधारकों एवं आम जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव मांगे गए हैं।
भाषा यासिर प्रेम रमण
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