आईएसएल 7: कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद भारत में शुरू होगा पहला बड़ा टूर्नामेंट

आईएसएल 7: कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद भारत में शुरू होगा पहला बड़ा टूर्नामेंट

आईएसएल 7: कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद भारत में शुरू होगा पहला बड़ा टूर्नामेंट
Modified Date: November 29, 2022 / 08:30 pm IST
Published Date: November 19, 2020 10:13 am IST

बेम्बोलिम (गोवा), 19 नवंबर (भाषा) खाली स्टेडियमों में कड़े स्वास्थ्य सुरक्षा कदमों के बीच शुक्रवार से यहां इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) फुटबॉल टूर्नामेंट की शुरुआत होगी जो आठ महीने पहले कोविड-19 लॉकडाउन लागू होने के बाद देश में आयोजित होने वाला पहला बड़ा टूर्नामेंट है।

यहीं जीएमसी स्टेडियम में टूर्नामेंट का आगाज पूर्व चैंपियन एटीके मोहन बागान और केरल ब्लास्टर्स के बीच होने वाले मैच से होगा और इस मुकाबले के काफी रोमांचक होने की उम्मीद है।

लेकिन सत्र का पहला सबसे बड़ा मैच 27 नवंबर को एटीके मोहन बागान और एससी ईस्ट बंगाल के बीच फटोर्डा में खेला जाएगा जिसमें दो पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी टीमें अपनी 100 साल से अधिक पुरानी प्रतिद्वंद्विता को एक नए अवतार में शुरू करेंगी।

पिछले साल के आईएसएल विजेता एटीके और आईलीग टीम मोहन बागान के विलय के बाद बना क्लब एटीके मोहन बागान इस फ्रेंचाइजी आधारित टूर्नामेंट की शुरुआत खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में करेगा।

टीम ने भारत के स्टार डिफेंडर संदेश झिंगन जैसे कुछ स्तरीय खिलाड़ियों से अनुबंध किया है जबकि पिछले साल की चैंपियन टीम एटीके के अहम खिलाड़ियों को अपने साथ बरकरार रखा है जिसमें फिजी के रॉय कृष्णा भी शामिल हैं।

रॉय 21 मैचों में 15 गोल के साथ पिछले सत्र के संयुक्त रूप के शीर्ष गोल स्कोरर थे। इसके अलावा उन्होंने छह गोल करने में टीम के अपने साथियों की मदद भी की थी।

रॉय ने फाइनल में कप्तान की भूमिका निभाई थी और एटीके की टीम तीसरा आईएसएल खिताब जीतने में सफल रही थी।

कोच एंटोनियो हबास ने रॉय के अलावा मौजूदा सत्र में स्पेन के मिडफील्डर एडू गार्सिया, भारत के प्रीतम कोटल, अरिंदम भट्टाचार्य और झिंगन को कप्तान के रूप में चुना है।

पिछले सत्र का लीग चरण जीतकर एएफसी चैंपियन्स लीग के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय टीम बने एफसी गोवा को अपने स्टार फारवर्ड फेरान कोरोमिनास और ह्यूगो बोमस के जाने से नुकसान हुआ है। ये दोनों पिछले कुछ वर्षों में आईएसएल में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल रहे हैं।

शीर्ष भारतीय और जांच परखे विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी में कार्ल्स कुआड्रेट के मार्गदर्शन में खेलने वाली पूर्व चैंपयिन बेंगलुरू एफसी की टीम भी खिताब के दावेदारों में शामिल है।

कुआड्रेट 2018-19 में खिताब जीतने वाली टीम के कई खिलाड़ियों को टीम से जोड़े रखने में सफल रहे हैं। टीम में दो बार के गोल्डन ग्लव विजेता गुरप्रीत सिंह संधू और आईएसएल के शीर्ष भारतीय स्कोरर सुनील छेत्री के अलावा डिफेंडर युआनन और मिडफील्डर एरिक पार्तालु और दिमास डेलगाड जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

मुंबई सिटी एफसी की नजरें भी कम से कम प्ले आफ में जगह बनाने पर टिकी होंगी और टीम को मुख्य को सर्जियो लोबेरा की मौजूदगी का फायदा मिलेगा जो एफसी गोवा को छोड़कर टीम से जुड़े हैं।

लोबेरा की अगुआई में एफसी गोवा ने 2018-19 सत्र के फाइनल में जगह बनाई थी।

लीवरपूल के दिग्गज रॉबी फाउलर के मार्गदर्शन में खेलने जा रही नई टीम स्पोर्टिंग क्लब ईस्ट बंगाल और दो बार का आईएसएल चैंपियन चेन्नईयिन एफसी से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

नवंबर से मार्च तक चलने वाले इस टूर्नामेंट का आयोजन महामारी के कारण सिर्फ गोवा में किया जा रहा है।

टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली 11 फ्रेंचाइजियों को तीन ग्रुप में बांटा गया हैं। ग्रुप ए में चार जबकि ग्रुप बी और सी में तीन-तीन टीमें होंगी।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता


लेखक के बारे में