हुबली, 24 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के सलामी बल्लेबाज यावर हसन ने कहा कि कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी फाइनल के शुरुआती दिन मंगलवार को यहां प्रक्रिया पर धैर्य के साथ टिके रहना और गेंदबाज की प्रतिष्ठा से प्रभावित हुए बिना परिस्थितियों के अनुसार खेलना उनके लिए मददगार साबित हुआ।
इस 22 साल के बल्लेबाज ने लगातार कम स्कोर वाली पारियों को पीछे छोड़ते हुए मंगलवार को यहां पहले दिन 88 रन की शानदार पारी खेलने के अलावा दूसरे विकेट के लिए शुभम पुंडीर (नाबाद 117) के साथ 139 रन की साझेदारी कर बड़े स्कोर की नींव रखी।
विराट कोहली को अपना आदर्श मानने वाले हसन ने कहा, ‘‘कुछ खास नहीं, मैं बस अपनी प्रक्रिया का पालन कर रहा था। मेरे मन में था कि यह आखिरी मैच है, तो आखिरी कोशिश पूरे दमखम के साथ करनी है। हम गेंद को देखेंगे और उसी के अनुसार प्रतिक्रिया देंगे। अगर आप गेंदबाज़ को देखकर खेलेंगे तो काम नहीं करेगा। हमें सिर्फ गेंद के मुताबिक खेलना है।”
इस पारी से पहले पिछले चार मैचों में सिर्फ 60 रन बनाने वाले इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैं थोड़ा सकारात्मक खेल रहा था और अपना स्वाभाविक खेल दिखा रहा था। अभी तक ज्यादा रन नहीं बने थे, लेकिन मुझे भरोसा था कि ऐसा होगा, और यह वही मंच था।”
प्रथम श्रेणी में पहला अर्धशतक जड़ने वाले इस युवा बल्लेबाज ने कहा, ‘‘पिच थोड़ी धीमी है। कई गेंदें रूक कर आ रही थीं, इसलिए शुरुआत में थोड़ी कठिनाई हुई। जब तक गेंद स्विंग कर रही थी, मैं अधिक सतर्कता से साथ खेल रहा था।’’
प्रतिस्पर्धी स्कोर के सवाल पर हसन ने कहा, “मुझे लगता है 650-700 रन बनाने होंगे। सामने वाली टीम की बल्लेबाजी मजबूत है। अगर हमें मैच पर दबदबा बनाना है तो अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा। अभी बोर्ड पर जो स्कोर है, वह पर्याप्त नहीं है, लेकिन पहले दिन के हिसाब से अच्छा है। अगर कल हम 200-250 रन और जोड़ लें तो स्थिति मजबूत होगी।”
भाषा आनन्द सुधीर
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