गेंद के टर्न होने से इस पिच पर बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल था: अय्यर
गेंद के टर्न होने से इस पिच पर बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल था: अय्यर
सानो, 22 सितंबर (भाषा) भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने मंगलवार को जापान के खिलाफ एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अपनी टीम की दो रन की रोमांचक जीत के बाद सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड की पिच को ‘बल्लेबाजी के लिए मुश्किल’ बताया।
बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में दोनों टीम को केवल पांच-पांच ओवर खेलने का मौका मिला।
बाएं हाथ के स्पिनर चार्ली हारा-हिंजे और ऑफ-स्पिनर इब्राहिम ताकाहाशी की गेंदें काफी ज्यादा टर्न हो रही थीं। इसके कारण भारत ने चार विकेट गंवाकर केवल 32 रन बनाए जो उम्मीद से कम स्कोर था।
हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने जापान को 30 रन पर रोककर दो रन से जीत हासिल की और एक बड़े उलटफेर की संभावना को टाल दिया।
मैच के बाद पुरस्कार समारोह में अय्यर ने कहा, ‘‘गेंद काफी ज्यादा टर्न हो रही थी। इस विकेट पर बल्लेबाजी करना बहुत मुश्किल था। हमने अपने सलामी बल्लेबाजों को भी देखा कि वे स्पिन की गति को समझ नहीं पा रहे थे। ’’
अय्यर 16 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे। लेकिन उन्हें भी बल्लेबाजी में लय हासिल करने में परेशानी हुई। कप्तान ने कहा, ‘‘मैंने तय किया कि एक और दो रन लेना आसान होगा और जो बल्लेबाज मेरे साथ आया था, उसके साथ तालमेल बनाकर खेलना होगा। फिर मैंने तय किया कि मैं गेंद के हिसाब से खेलूंगा। अगर गेंद टर्न हो रही है और पिच पर रुककर आ रही है, तो मैं एक और दो रन के लिए गेंद को हल्के हाथों से खेलूंगा। ’’
अय्यर ने कहा, ‘‘मैं हमेशा कहता हूं कि पांच ओवर के मैच का नतीजा किसी भी टीम के पक्ष में जा सकता है। आज जापानी टीम ने जिस तरह का रवैया दिखाया, वह शानदार था। मुझे लगता है कि वे सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारे लिए भी इस विकेट पर खेलना एक अच्छा अभ्यास रहा। ’’
अब भारतीय टीम नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में नजर आएगी जिसमें वह 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल चरण से अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
जापान के कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग के लिए यह ‘जीत के बहुत करीब आकर चूकने’ जैसा मामला था।
काडोवाकी-फ्लेमिंग ने कहा, ‘‘हमें इस बात पर गर्व है कि हम दुनिया की सबसे अच्छी टीम को आखिरी गेंद तक कड़ी टक्कर दे पाए। हमें अपनी क्रिकेट टीम पर गर्व है। जो लोग पूरी रात इस मैदान पर काम कर रहे थे, उन्हीं की वजह से यह मैच हो पाया। ’’
उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा से लग रहा था कि इस पिच पर भारतीय स्पिनरों का सामना करना मुश्किल होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘जब अक्षर (पटेल) और (रवि) बिश्नोई हमारी पिच पर गेंदबाजी कर रहे थे तो हमें पता था कि यह एक चुनौती होगी, लेकिन 6.5 रन प्रति ओवर को देखते हुए मन में तरह-तरह के ख्याल आने लगते हैं। ’’
भाषा नमिता पंत
पंत

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