कपिल देव की पहल से भारतीय गोल्फ में हो रहा बदलाव, ओलंपिक की उम्मीदें बढ़ीं: पीजीटीआई सीईओ जोहल
कपिल देव की पहल से भारतीय गोल्फ में हो रहा बदलाव, ओलंपिक की उम्मीदें बढ़ीं: पीजीटीआई सीईओ जोहल
नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप जोहल ने कहा है कि पूर्व महान क्रिकेटर कपिल देव की भारतीय गोल्फ में बड़े प्रायोजक लाने और इनामी राशि बढ़ाने की कोशिश से देश के खिलाड़ियों के लिए ओलंपिक में क्वालीफाई करने और दुनिया भर में मुकाबला करने के बेहतर रास्ते बन रहे हैं।
जून 2024 में भारतीय पेशेवर गोल्फ टूर (पीजीटीआई) का अध्यक्ष बनने के बाद से कपिल ने भारत में गोल्फ के क्षेत्र में बड़ा वित्तीय और संचालन बदलाव किया है। उनके नेतृत्व में पीजीटीआई ने इस साल की शुरुआत में डीपी वर्ल्ड के साथ कई वर्षों की साझेदारी की जो इस टूर का आधिकारिक साझेदार बन गया।
जोहल ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘कपिल देव के नेतृत्व में डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई भारत में पेशेवर गोल्फ खेलने के तरीके को बदल रहा है। सबसे पहले यह इनामी राशि बढ़ाकर और पूरे देश में होने वाले टूर्नामेंट की संख्या बढ़ाकर ऐसा कर रहा है। पिछले एक साल में हमने प्रतियोगिताओं की संख्या के साथ-साथ इनामी राशि में भी लगभग 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘गोल्फ समुदाय कपिल देव का आभारी है कि उन्होंने अपना नाम इस खेल से जोड़ा और इसके विकास में अपना पूरा जोर लगाया। उन्हें यह खेल बहुत पसंद है और वह यह पक्का करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं कि भारत में गोल्फ का विकास हो।’’
जोहल ने कहा कि इनाम राशि बढ़ाना सीधे तौर पर भारतीय गोल्फरों को अधिक विश्व रैंकिंग अंक हासिल करने और दुनिया की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई करने में मदद करने से जुड़ा है।
उन्होंने कहा, ‘‘डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप अक्टूबर में एक बार फिर दिल्ली गोल्फ क्लब में होने जा रही है। अगर इस तरह के और भी अधिक टूर्नामेंट होते हैं, तो भारतीय गोल्फ दुनिया भर में मशहूर हो जाएगा। दुनिया के बड़े खिलाड़ी एक खास स्तर की इनामी राशिद के आदी होते हैं। जैसे-जैसे इनामी राशि बढ़ती है वैसे-वैसे विश्व रैंकिंग अंक भी बढ़ते हैं। इसलिए ये दोनों चीजें एक-दूसरे से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं।’’
जोहल ने कहा, ‘‘हमारा मकसद डीपी वर्ल्ड को इस तरह से आगे बढ़ाना है कि अगर हमारे टूर्नामेंट में इनामी राशि अधिक होगी तो दुनिया के बड़े खिलाड़ी यहां खेलने आएंगे क्योंकि इसका मतलब है कि उन्हें अधिक रैंकिंग अंक मिलेंगे और फिर हमारे खिलाड़ियों के पास ओलंपिक और एशियाई खेलों में हिस्सा लेने का बेहतर मौका होगा।’’
भाषा सुधीर मोना
मोना

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