केआईटीजी: तैराक मणिकांत ने स्वर्ण पदक की हैट्रिक पूरी की, छत्तीसगढ़ की अनुष्का ने दूसरा पदक जीता

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केआईटीजी: तैराक मणिकांत ने स्वर्ण पदक की हैट्रिक पूरी की, छत्तीसगढ़ की अनुष्का ने दूसरा पदक जीता

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  • Publish Date - March 26, 2026 / 06:50 PM IST,
    Updated On - March 26, 2026 / 06:50 PM IST

रायपुर, 26 मार्च (भाषा) कर्नाटक के तैराक मणिकांत एल ने 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की। महिला वर्ग में ओडिशा की अंजली मुंडा ने लगातार दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

मेजबान छत्तीसगढ़ के लिए भी खुशखबरी रही, जब स्थानीय खिलाड़ी अनुष्का भगत ने महिला 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले रेस में रजत जीतकर पदक तालिका में इजाफा किया।

मणिकांत ने पहले दिन 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 50 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण जीतने के बाद 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले रेस में 2:25.93 सेकंड का समय बनाकर दबदबा बनाए रखा। त्रिपुरा के रियाज त्रिपुरा 2:34.04 सेकंड के साथ दूसरे और ओडिशा के कान्हु सोरेन 2:36.21 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

महिला वर्ग में अंजली ने 2:53.82 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। अनुष्का भगत (2:59.33) ने रजत और ओडिशा की अंजली मल्लिक (3:06.13) ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

कर्नाटक 12 पदक ( आठ स्वर्ण और दो रजत और एक कांस्य) के साथ तालिका में शीर्ष पर है, जबकि ओडिशा 14 पदक के साथ दूसरे स्थान पर है। ओडिशा स्वर्ण पदक के मामले में कर्नाटक से पीछे है। राज्य के नाम पांच स्वर्ण, एक रजत और आठ कांस्य पदक है।

भारोत्तोलन में असम की मणिखा सोनवाल और मिजोरम के इसाक मालसॉमट्लुंगा ने चोटों के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। मणिखा ने महिला 48 किग्रा वर्ग में स्नैच में 57 किग्रा और क्लीन एंव जर्क में 75 किग्रा उठाकर कुल 132 किग्रा के साथ स्वर्ण पदक जीता। ओडिशा की दीपा रानी मल्लिक 120 किग्रा के साथ रजत और अंडमान एवं निकोबार की अलास्का अलीना 116 किग्रा के साथ कांस्य पर रहीं।

मिजोरम के इसाक मालसॉमट्लुंगा ने स्नैच में 108 किग्रा और क्लीन एंव जर्क में 130 किग्रा भार उठाकर कुल 235 किग्रा के साथ स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया। बाबूलाल हेम्ब्रोम ने कुल 230 किग्रा भार उठाकर रजत पदक के साथ तालिका में झारखंड का खाता खोला।

ओडिशा के सुभ्रत नाइक क्लीन एवं जर्क में 122 किग्रा उठा पाए और कुल 228 किग्रा के साथ कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहे।

भाषा

आनन्द

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