कोलकाता, पांच अप्रैल (भाषा) मुश्किलों में घिरी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम सोमवार को यहां फॉर्म में चल रहे पंजाब किंग्स के खिलाफ जब मैदान पर उतरेगी तो उसकी नजरें जीत के साथ मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग सत्र में अपने अंकों का खाता खोलने पर टिकी होंगी।
तीन बार की चैंपियन टीम अपने शुरुआती संघर्ष के लिए शीर्ष तेज गेंदबाजों पेसर मुस्ताफिजुर रहमान, हर्षित राणा, आकाश दीप और मथीशा पथिराना की गैरमौजूदगी को जिम्मेदार ठहरा सकती है लेकिन बड़ा मुद्दा टीम की गलत रणनीति है जिसके कारण टीम ने अब तक अपने दोनों मैच गंवाए हैं।
टीम को 2024 में उसे खिताब दिलाने वाले श्रेयस अय्यर को रिटेन (अपने साथ बरकरार रखना) नहीं करने का भी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
अय्यर ने 2025 में अपनी अगुआई में पंजाब किंग्स को फाइनल में पहुंचाकर खुद को साबित किया है और तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजी – दिल्ली कैपिटल्स (2020), नाइट राइडर्स (चैंपियन 2024) और पंजाब किंग्स (2025) – को फाइनल तक पहुंचाने वाले पहले कप्तान बने। इसके उलट नाइट राइडर्स का पिछला सत्र बहुत खराब रहा और 2009 के बाद पहली बार वह आठवें स्थान पर रही।
टी20 में खराब फॉर्म में होने के बावजूद कप्तान के तौर पर लाए गए अजिंक्य रहाणे ने सबसे अधिक रन बनाकर कुछ हद तक आलोचकों को चुप करा दिया लेकिन चंद्रकांत पंडित की जगह अभिषेक नायर को मुख्य कोच बनाने जैसे टीम के फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं।
नायर इस साल की महिला प्रीमियर लीग में यूपी वारियर्स के कोच थे और टीम अंतिम पायदान पर रही थी।
उनकी उलझी हुई रणनीति टीम संयोजन में साफ नजर आती है। न्यूजीलैंड के तीन शीर्ष खिलाड़ियों फिन एलेन, टिम सीफर्ट और रचिन रविंद्र के टीम में होने के बावजूद नाइट राइडर्स की टीम उनका सही इस्तेमाल करने में नाकाम रही है।
इनमें से सिर्फ एलेन को मौका मिला है जबकि पिछले टी20 विश्व कप में दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज सीफर्ट और स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर रविंद्र बेंच पर ही बैठे हैं।
इसके बजाय नाइट राइडर्स ने कमजोर प्रदर्शन के बावजूद सुनील नारायण को एकादश में बनाए रखा है जो 2012 से फ्रेंचाइजी के नियमित खिलाड़ी हैं।
ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन के शामिल होने से स्थिति और मुश्किल हो गई है जिन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने गेंदबाजी करने से रोक दिया है। इससे टीम में दो विदेशी खिलाड़ी ऐसे हैं जो पूरी तरह से योगदान नहीं दे पा रहे हैं।
इसके अलावा रोवमैन पावेल भी बाहर हैं जिससे टीम के चयन फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं।
नाइट राइडर्स की गेंदबाजी चिंता का विषय थी लेकिन बल्लेबाजों ने भी काफी अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। रहाणे के सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरने से मिले-जुले नतीजे मिले हैं लेकिन पांचवें नंबर के बाद बल्लेबाज क्रम कमजोर दिख रहा है।
अपने पहले घरेलू मैच में नाइट राइडर्स की टीम सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 227 रन का पीछा करते हुए सिर्फ 16 ओवर में 161 रन पर सिमट गई थी।
निचले मध्य क्रम में रमनदीप सिंह और अनुकूल रॉय तेजी से रन बनाने में नाकाम रहे हैं जबकि नारायण को आठवें नंबर पर भेजना रणनीति में कमजोरी को दर्शाता है।
अय्यर की अगुआई में पंजाब ने अब तक अपने दोनों मैच जीते हैं। युवा कूपर कोनोली ने दो मैच में 108 रन बनाकर तीसरे नंबर पर प्रभावित किया है जबकि प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह ने टीम को अच्छी शुरुआत दी है।
अय्यर ने बीच के ओवरों में भरोसे के साथ बल्लेबाजी की है।
अर्शदीप सिंह, मार्को यानसेन और विजयकुमार वैशाख की मौजूदगी में गेंदबाजी इकाई संतुलित लग रही है जबकि अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल आक्रमण को मजबूत करते हैं।
नाइट राइडर्स के लिए कार्तिक त्यागी और युवा अंगकृष रघुवंशी का प्रदर्शन हालांकि सकारात्मक पक्ष रहा है लेकिन सिर्फ इन दोनों का प्रदर्शन पंजाब की अच्छी टीम के खिलाफ पर्याप्त नहीं हो सकता।
टीम इस प्रकार हैं:
कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह (उपकप्तान), फिन एलेन, तेजस्वी दहिया, मनीष पांडे, रोवमैन पावेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, सार्थक रंजन, टिम सीफर्ट, राहुल त्रिपाठी, दक्ष कामरा, कैमरन ग्रीन, सुनील नारायण, रचिन रविंद्र, वरुण चक्रवर्ती, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, सौरभ दुबे, कार्तिक त्यागी, ब्लेसिंग मुजरबानी, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी और उमरान मलिक।
पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, हरनूर सिंह, मिचेल ओवेन, विष्णु विनोद, निहाल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, मार्को यानसेन, मार्कस स्टोइनिस, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, लॉकी फर्ग्युसन, हरप्रीत बरार, विजयकुमार वैशाख, यश ठाकुर, कूपर कोनोली, बेन ड्वारशुइस, मुशीर खान, प्रवीण दुबे, विशाल निषाद, सूर्यांश शेडगे, प्रभसिमरन सिंह, पायला अविनाश और शशांक सिंह।
समय: मैच शाम 7.30 बजे से खेला जाएगा।
भाषा सुधीर
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