कुलदीप के सामने मुश्किलें, दूसरे टेस्ट में सारांश को मिल सकता है मौका

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कुलदीप के सामने मुश्किलें, दूसरे टेस्ट में सारांश को मिल सकता है मौका

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  • Publish Date - August 20, 2026 / 06:07 PM IST,
    Updated On - August 20, 2026 / 06:07 PM IST

कोलंबो, 20 अगस्त (भाषा) गॉल स्टेडियम में पांचवें दिन की पिच स्पिन गेंदबाजी के लिए अच्छी थी और कुलदीप यादव इसका फायदा उठा सकते थे। लेकिन उन्होंने 11 ओवर में 38 रन देकर एक भी विकेट नहीं लिया।

इससे साफ दिखा कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल की नजर में कुलदीप तीसरे स्पिन गेंदबाज थे। उनसे पहले रविंद्र जडेजा और मानव सुथार ने गेंदबाजी की। दोनों ने मिलकर 46.4 ओवर किए और 14 विकेट लिए।

कुलदीप के खराब प्रदर्शन के लिए कप्तान या टीम प्रबंधन को दोष देना आसान है कि उन्होंने इस गेंदबाज पर पर्याप्त भरोसा नहीं दिखाया। कुलदीप को मिले 11 ओवरों में भी वह ऐसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जिससे उन्हें ज्यादा गेंदबाजी दी जाती।

पहली पारी में भी कुलदीप को अपना एकमात्र विकेट कमिंदु मेंडिस का मिला जिसमें शुभमन गिल के शानदार कैच का बड़ा योगदान था।

अब माना जा रहा है कि दूसरे टेस्ट में कुलदीप की जगह ऑफ-स्पिनर सारांश जैन को मौका मिल सकता है। श्रीलंका की टीम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं इसलिए ऑफ स्पिन उनके खिलाफ उपयोगी साबित हो सकती है।

पूर्व भारतीय लेग स्पिनर एल शिवरामकृष्णन ने कुलदीप को सलाह दी कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट में विकेट लेने के लिए टी20 जैसा रवैया नहीं अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘देखिए, पहली बात तो यह है कि सफेद गेंद से उन्हें विकेट मिल जाते हैं क्योंकि बल्लेबाज उन पर रन बनाने की कोशिश करते हैं और शॉट खेलते हैं। यहां टेस्ट में, उन्हें यह बात भूलनी होगी। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब आप बल्ले के आस-पास तीन क्षेत्ररक्षक रखकर गेंदबाजी करते हैं और शायद सिर्फ एक क्षेत्ररक्षक बाउंड्री बचाने के लिए होता है तो आपको अलग तरह से गेंदबाजी करनी पड़ती है। इसलिए असरदार होने के लिए लाइन एवं लेंथ में निरंतरता शीर्ष स्तर की होनी चाहिए। ’’

एक विचार यह भी है कि कुलदीप को हवा में गेंद की गति थोड़ी तेज रखनी चाहिए, ताकि पिच से उन्हें अधिक मदद मिल सके। वह आम तौर पर 82-85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं और कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के इस गेंदबाज को ‘स्पीडोमीटर’ पर कुछ पायदान ऊपर जाते हुए 90 किमी प्रति घंटे के आसपास पहुंचना चाहिए।

हालांकि शिवरामकृष्णन ने इस सोच को पूरी तरह खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘देखिए, अभी क्या होता है कि जब तेज गेंदबाजों की गेंदों पर रन बनते हैं तो वे तुरंत अपनी गेंदों की गति कम कर देते हैं। इसी तरह, जब स्पिनर रन लुटाते हैं तो वे अब गेंद की गति बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मैं कह रहा हूं कि इस समय कुलदीप को तेज गेंदबाजी करने की सलाह मिलना उनके लिए सबसे खराब सलाह है। ’’

भाषा नमिता सुधीर

सुधीर