लवलीना ने असम के बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया राष्ट्रमंडल खेलों का पदक

लवलीना ने असम के बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया राष्ट्रमंडल खेलों का पदक

लवलीना ने असम के बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया राष्ट्रमंडल खेलों का पदक
Modified Date: August 2, 2026 / 04:29 pm IST
Published Date: August 2, 2026 4:29 pm IST

नयी दिल्ली, दो अगस्त (भाषा) ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में जीता अपना रजत पदक बाढ़ से जूझ रहे असम के लोगों को समर्पित किया।

लवलीना को महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री के खिलाफ 1-4 के विभाजित फैसले में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

उन्होंने इन खेलों में अपने अभियान की शुरुआत सेमीफाइनल से की थी, जहां उन्होंने तुवालू की तारोना खानम बादी पासोनी ताफाकी को 5-0 से हराया था।

लवलीना ने रविवार को ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘इस समय असम की जो स्थिति है, वह मेरे लिए काफी दुखद है। असम के लोगों को इस स्थिति में देखकर मुझे बहुत बुरा लग रहा है। बाढ़ खत्म होने के बाद भी लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।’’

असम में बाढ़ से सात जिलों में लगभग 1.78 लाख लोग प्रभावित है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पिछले 24 घंटों में राज्य में बाढ़ से किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है जिससे मृतकों की संख्या 82 बनी हुई है।

लवलीना ने कहा, ‘‘मैं यहां खेलों में भाग लेने के कारण मुश्किल में फंसे अपने लोगों के साथ नहीं थी। ऐसे में मैं यह पदक बाढ़ से प्रभावित लोगों को समर्पित करती हूं।’’

फाइनल मुकाबले के दौरान घुटने पर पट्टी बांधकर उतरने को लेकर चोट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरा घुटना फाइनल से पहले थोड़ा चोटिल था, लेकिन मुक्केबाजी में इस तरह की चोट आम बात है और हम ऐसी चोटों के साथ खेलने के आदी हैं। हमें इसके बावजूद खेलना पड़ता है और यही हमारे लिए चुनौती होती है।’’

लवलीना ने कहा, ‘‘अब मेरे लिए एशियाई खेल काफी अहम हैं। यहां रजत पदक मिलने की खुशी है, लेकिन यदि यह स्वर्ण पदक होता तो और अधिक खुशी होती। मुझे सबसे ज्यादा खुशी भारत के शानदार प्रदर्शन की है। अब मेरा पूरा ध्यान एशियाई खेलों में इस कमी को पूरा करने पर होगा।’’

लवलीना इससे पहले ग्लास्गो के एक लोकप्रिय रेस्तरां में कागज के नैपकिन पर छपे भारत के गलत नक्शे पर भी कड़ी आपत्ति जता चुकी हैं।

यह मामला उस समय सामने आया, जब राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय दल के सदस्यों का स्वागत ‘मिस्टर सिंह्स इंडिया – द होम ऑफ करी’ रेस्तरां में किया गया। यहां खिलाड़ियों को जिन कागज के नैपकिनों के साथ भोजन परोसा गया, उन पर भारत का गलत नक्शा छपा हुआ था।

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने इस बारे में पूछे जाने पर रविवार को कहा, ‘‘हम वहां रात्रिभोज के लिए गए थे और हमें वहां यह गलती दिखी। मैंने और लवलीना ने इसकी जानकारी रेस्तरां प्रबंधन को दी। उन्होंने इसके लिए हमसे माफी मांगी और कहा कि वे सही नक्शे वाले नए नैपकिन मंगवा रहे हैं। इस बारे में रेस्तरां को बताना हमारा फर्ज था और हमने वही किया।’’

भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड सात स्वर्ण पदक अपने नाम किए। स्वर्ण पदक जीतने वालों में प्रीति पवार (54 किग्रा), जैसमीन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घनघास (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) शामिल हैं।

जादूमणि सिंह (55 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और नरेंदर बेरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने रजत पदक जीतकर भारत की मुक्केबाजी में कुल पदकों की संख्या 10 तक पहुंचा दी।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता


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