मांडविया ने खेल सुविधाओं का उद्घाटन किया, प्रधानमंत्री को खिलाडियों का ‘परम मित्र’ कहा

मांडविया ने खेल सुविधाओं का उद्घाटन किया, प्रधानमंत्री को खिलाडियों का ‘परम मित्र’ कहा

मांडविया ने खेल सुविधाओं का उद्घाटन किया, प्रधानमंत्री को खिलाडियों का ‘परम मित्र’ कहा
Modified Date: May 24, 2026 / 09:18 pm IST
Published Date: May 24, 2026 9:18 pm IST

गांधीनगर, 24 मई (भाषा) केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देशभर में विश्वस्तरीय हाई-परफॉर्मेंस खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए रविवार को गांधीनगर में भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) में कई नई खेल अवसंरचना सुविधाओं का उद्घाटन किया।

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की विज्ञप्ति के अनुसार मंत्री ने केंद्र में नव-विकसित पैरा एथलीट हॉस्टल, केंद्रीकृत भोजनालय, स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग हॉल, बहुउद्देश्यीय प्रशिक्षण हॉल और मेडिटेशन पार्क का उद्घाटन किया।

इन सुविधाओं को प्रशिक्षण, रिकवरी, पोषण, खेल विज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में समग्र सहयोग प्रदान कर खिलाड़ियों की तैयारी को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

साइ परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन में मांडविया ने कहा कि देश वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक बुनियादी ढांचे और खिलाड़ी-केंद्रित विकास पर आधारित विश्व स्तरीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है।

इस कार्यक्रम में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का खेल पारिस्थितिकी तंत्र एक परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ नया भारत एक ऐसा खेल तंत्र विकसित कर रहा है जहां हर एथलीट को बड़े सपने देखने और देश के लिए जीत हासिल करने का अवसर मिले। सरकार समावेशी खेल अवसंरचना और एथलीट कल्याण पर ध्यान केंद्रित कर रही है, विशेष रूप से पैरा-एथलीटों के लिए।”

उन्होंने कहा, ‘‘नरेन्‍द्र मोदी हमारे पैरा खिलाड़ियों के सच्चे ‘परम मित्र’ हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने न केवल देशभर में खेल अवसंरचना का विस्तार किया है, बल्कि प्रत्येक पैरा खिलाड़ी के लिए गरिमा, सुगमता, सम्मान और समान अवसर भी सुनिश्चित किए हैं।”

मांडविया ने कहा, “हाल के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में हमारे रिकॉर्ड प्रदर्शन संयोग नहीं हैं। ये खिलाड़ियों में निरंतर निवेश, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक अवसंरचना और इस मजबूत विश्वास का परिणाम हैं कि भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बन सकता है।”

मंत्री ने कहा कि मंत्रालय द्वारा ‘पैरा खेलों के नोडल केंद्र’ के रूप में अधिसूचित साइ एनसीओई गांधीनगर, पैरा खिलाड़ियों के विकास के लिए देश के अग्रणी हाई-परफॉर्मेंस केंद्रों में से एक बनकर उभर रहा है।

यह केंद्र वर्तमान में एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, पावरलिफ्टिंग, तैराकी और तलवारबाजी सहित छह पैरा खेलों को सहयोग प्रदान करता है। इन सुविधाओं का उपयोग हैंडबॉल, कबड्डी और खो-खो के प्रशिक्षण के लिए भी किया जा रहा है।

मांडविया ने केंद्र में आयोजित राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों में भाग ले रहे कबड्डी, पैरा खेल, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल खिलाड़ियों से भी बातचीत की।

उन्होंने कहा, “पैरा एथलीट हॉस्टल, स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग हॉल और केंद्रीकृत भोजनालय जैसी सुविधाएं केवल इमारतें नहीं हैं, बल्कि भारत के भविष्य के चैंपियनों में निवेश हैं। ये समेकित उच्च-प्रदर्शन पारिस्थितिकी तंत्र आने वाले वर्षों में भारत की खेल उत्कृष्टता यात्रा में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।”

नव-उद्घाटित बहुउद्देश्यीय प्रशिक्षण हॉल का मुख्य रूप से कबड्डी प्रशिक्षण के लिए उपयोग किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को वर्षभर उच्च-तीव्रता वाले अभ्यास, मैच सिमुलेशन और रणनीतिक तैयारी में सहायता मिलने की उम्मीद है।

आधुनिक स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग हॉल को वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों के माध्यम से खिलाड़ियों के प्रदर्शन, सहनशक्ति, रिकवरी और चोटों की रोकथाम को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता


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