(अजय मसंद)
नागोया, 19 सितंबर (भाषा) ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली मनु भाकर की अगुवाई में भारतीय निशानेबाज रविवार को यहां एशियाई खेलों में अपने अभियान की शुरुआत करेंगे जिसमें उन्हें चीन से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है।
निशानेबाजी में भारत का 30 सदस्यीय दल भाग ले रहा है और उनसे पिछले एशियाई खेलों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जा रही है। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों ने रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे।
भारतीय टीम में कई ओलंपियन और विश्व स्तरीय खिलाड़ी शामिल हैं जिनमें से कुछ को बड़ी प्रतियोगिताओं में खेलने का अनुभव है।
लेकिन सबकी निगाहें निश्चित रूप से मनु पर होंगी, जो पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक हासिल करने के बाद एशियाई खेलों में अपना पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेंगी। ओलंपिक में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीता और फिर सरबजोत सिंह के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा में एक और कांस्य पदक हासिल किया।
मनु तीसरी बार एशियाई खेलों में भाग ले रही है। उन्होंने 2018 के जकार्ता में इन खेलों में पदार्पण किया था, जहां उनके साथ एयर पिस्टल निशानेबाज सौरभ चौधरी भी थे और उन्हें जूनियर राष्ट्रीय कोच जसपाल राणा का मार्गदर्शन मिल रहा था।
तब से बहुत कुछ बदल चुका है। राणा का इसी साल निधन हो गया और उनकी कमी बहुत खलेगी। मनु के लिए एशियाई खेलों में वापसी का एक विशेष भावनात्मक महत्व है, क्योंकि वह उस प्रतियोगिता में वापसी करेंगी जिसमें उनका सफर राणा के सानिध्य में शुरू हुआ था।
मनु और ईशा सिंह 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल दोनों स्पर्धाओं में भाग लेंगी। 10 मीटर एयर पिस्टल में मनु, ईशा और सुरुचि इंदर सिंह की तिकड़ी अपनी किस्मत आजमाएंगी।
25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में मनु और ईशा के साथ बेहद अनुभवी राही सरनोबत भी शामिल होंगी, जिन्होंने 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था।
पिस्टल स्पर्धा से पहले प्रतियोगिता की शुरुआत महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा से होगी, जहां एलावेनिल वलारिवन, सोनम उत्तम मस्कर और विदरसा के विनोद भारत की तरफ से चुनौती पेश करेंगी।
ओलंपियन ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, पूर्व विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष पाटिल, नीरज कुमार पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन स्पर्धा में हिस्सा लेंगे।
अनीश भानवाला शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले साल काहिरा में विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप फाइनल में रजत पदक जीते थे।
पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम में अनुभव की कमी है। इसमें केदार्लिंग उचागनवे, कमलजीत और आकाश भारद्वाज भारत की चुनौती पेश करेंगे।
कमलजीत जूनियर विश्व चैंपियन हैं, जबकि उचागनवे और भारद्वाज ने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय पदक नहीं जीता है।
विश्व चैंपियन सम्राट राणा और विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता वरुण तोमर की अनुपस्थिति ने नई तिकड़ी के लिए रास्ता खोल दिया है।
शॉटगन स्पर्धा में नीरू ढांडा पर सबकी नजर रहेगी। इटली के लोनाटो में हाल ही में हुए विश्व कप में उनकी जीत भारतीय निशानेबाजी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने इस प्रतियोगिता की ट्रैप स्पर्धा में व्यक्तिगत विश्व कप स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा था।
पुरुषों और महिलाओं की स्कीट टीमों से भी काफी उम्मीद है। ओलंपियन मैराज अहमद खान के पास कई विश्व कप में खेलने का अनुभव है और उन्होंने व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित स्पर्धाओं में तीन विश्व कप पदक जीते हैं। एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता अनंतजीत सिंह नारुका ने भी दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता दिखाई है।
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