कई बार फाइनल में विजयी शॉट खेलने कर कल्पना की थी: कोहली
कई बार फाइनल में विजयी शॉट खेलने कर कल्पना की थी: कोहली
अहमदाबाद, 31 मई (भाषा) इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) फाइनल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ नाबाद 75 रन की पारी खेल कर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरी बार खिताब दिलाने वाले विराट कोहली ने कहा कि विजयी रन बनाने का ख्याल अकसर उनके मन में आता था।
कोहली ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर अरशद खान के खिलाफ शानदार छक्का लगाकर टीम को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाया।
कोहली ने 42 गेंद में नौ चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 75 रन की पारी खेलने के बाद प्लेयर ऑफ द मैच चुने गये। उन्होंने पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘यह वही पल है जिसका हर खिलाड़ी सपना देखता है। मैंने कई बार इस क्षण की कल्पना की थी, खासकर विजयी रन बनाने की। बल्लेबाजी के लिए उतरते समय मैं पूरी तरह सहज था। हमारी टीम का संयोजन ऐसा है जो किसी भी परिस्थिति से बाहर निकलने का भरोसा देता है।’’
उन्होंने कहा कि लक्ष्य का पीछा करते समय उन्हें अपनी भूमिका और रणनीति पूरी तरह स्पष्ट थी। कोहली ने कहा, ‘‘मुझे पता था कि रन-चेज़ में क्या करना है। युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी आपको लगातार अपने खेल में सुधार करने और नई चुनौतियां स्वीकार करने के लिए प्रेरित करती है।’’
अपने आईपीएल करियर के सबसे तेज अर्धशतक (25 गेंद) पर उन्होंने कहा, ‘‘यह आपको लगातार बेहतर करने का लक्ष्य देता है। मुझे अपने खेल में बहुत बड़ा बदलाव नहीं करना था, बल्कि सोच बदलनी थी। गेंदबाजों पर दबाव बनाकर अतिरिक्त रन जुटाने की जरूरत थी।’’
कोहली ने कहा कि टीम का पहला लक्ष्य अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करना था। उन्होंने कहा, ‘‘एक बार हम शीर्ष पर पहुंच गए तो हमारे सामने कौन-सी टीम है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। हम सभी टीमों का सम्मान करते हैं और किसी को उकसाने में विश्वास नहीं रखते। हमारे पास अनुभवी और परिपक्व पेशेवर खिलाड़ी हैं और बड़े मुकाबलों में यही अनुभव काम आता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बड़े अवसरों पर बड़े खिलाड़ियों को आगे आकर जिम्मेदारी निभानी होती है। मुझे पता था कि लक्ष्य का पीछा करते समय विपक्षी टीम मुझे जल्दी आउट करने की कोशिश करेगी, लेकिन मुझे अपनी टीम पर पूरा भरोसा था। मुझे विश्वास था कि हमारी चैंपियन टीम तीन-चार ओवर शेष रहते लक्ष्य हासिल कर सकती है।’’
आरसीबी के प्रशंसकों की सराहना करते हुए कोहली ने कहा, ‘‘हमारे लिए हर मैच घरेलू मुकाबले जैसा लगता है। हमारे 14 घरेलू मैच होते हैं, सिर्फ सात नहीं, क्योंकि प्रशंसक हर जगह हमारे साथ रहते हैं। यहां तक कि गुजरात टाइटंस के घरेलू मैदान पर भी करीब 90 प्रतिशत दर्शक हमारे समर्थन में थे।’’
उन्होंने इससे पहले प्रसारकों से कहा कि मौजूदा आरसीबी टीम की सबसे बड़ी ताकत यह है कि उसमें कई मैच जिताने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं और उन्हें हर बार अकेले आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाने की जरूरत नहीं पड़ती।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस पल का बहुत लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। अब हमारे पास ऐसा समूह है जिसके साथ मैदान पर उतरते समय यह महसूस होता है कि हर बार आपको ही आगे बढ़कर जिम्मेदारी नहीं उठानी है। टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो आपके साथ खड़े हैं और आपके लिए मैच जिता सकते हैं।’’
कोहली ने इस सत्र में 16 मैचों में 56.25 की औसत और 165.84 की शानदार स्ट्राइरेट से 675 रन बनाये और टीम के चैंपियन बनने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने हालांकि जीत का श्रेय पूरी टीम को दिया।
इस महान बल्लेबाज ने कहा, ‘‘हमारी टीम में मैच जीतने वाले कई खिलाड़ी हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि योगदान केवल एक-दो खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है।’’
कोहली ने टीम के गेंदबाजी आक्रमण की जमकर तारीफ करते हुए कहा, ‘‘जोश हेजलवुड, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी और क्रुणाल पंड्या जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाज हमारे पास हैं। क्रुणाल हमेशा भरोसेमंद रहे हैं, जबकि रसिख सलाम डार ने इस सत्र में शानदार प्रदर्शन किया।’’
उन्होंने कहा कि टीम के बल्लेबाजों ने भी जरूरत के समय योगदान दिया और यही संतुलन आरसीबी की सबसे बड़ी ताकत है।
कोहली ने कहा, ‘‘मुझे इस समूह का हिस्सा बनकर बेहद खुशी होती है। हमारे पास संतुलन है, गहराई है और हम हर विभाग में मजबूत टीम हैं। यही कारण है कि मैदान पर हमारा आत्मविश्वास भी अलग स्तर का दिखाई देता है।’’
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार फाइनल का दबाव अलग होने की बात स्वीकार करते हुए कोहली ने कहा कि टीम को अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा था।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कुछ खिलाड़ियों से कहा था कि इस बार वैसा दबाव महसूस नहीं हो रहा जैसा पिछले साल था। हमें पता था कि हमारे समूह में कितनी क्षमता है। हम अंक तालिका में शीर्ष पर रहे और इसकी एक वजह थी। हमने सिर्फ एक बात कही थी कि यदि हम अपना स्वाभाविक क्रिकेट खेलें और योजनाओं को सही तरीके से लागू करें तो प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ टीम हम ही हैं।’’
कोहली ने कहा कि पूरे सत्र में टीम ने जिस कौशल, परिपक्वता और संयम का परिचय दिया, उसी का नतीजा खिताबी सफलता के रूप में सामने आया।
उन्होंने कहा कि सत्र के बीच में मिले छोटे ब्रेक के बाद टीम को कुछ मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मुंबई इंडियंस के खिलाफ करीबी जीत ने खिलाड़ियों का विश्वास फिर से मजबूत कर दिया।
कोहली ने कहा, ‘‘ब्रेक के बाद हमें एक हार मिली और मुंबई इंडियंस के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबला खेलना पड़ा। वह सप्ताह हमारे लिए चुनौतीपूर्ण था क्योंकि हम लीग चरण में शीर्ष स्थान पर रहना चाहते थे। लेकिन मुंबई के खिलाफ जीत के बाद टीम का विश्वास लौट आया। इसके बाद हमने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ प्रभावशाली जीत दर्ज की, तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया और फिर फाइनल तक का सफर तय किया।’’
भाषा
आनन्द आनन्द नमिता
नमिता

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