नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से पहले भारत के पूर्व दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कहा कि टीम ने मैच के आखिरी पलों में गोल खाने की अपनी पुरानी कमजोरी को दूर कर लिया है और अब वह अपने चिर प्रतिद्वंद्वी से मुकाबला करने के लिए पहले से बेहतर तरीके से तैयार हैं।
भारत और पाकिस्तान की टीमें बुधवार को एम्सटेलवीन में आमने-सामने होंगी। दो बार के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता श्रीजेश ने कहा कि अब भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में पहले जैसी कड़ी चुनौती नहीं रह गई है। भारतीय टीम ने फिटनेस, ताकत, खेल की समझ और निर्णय लेने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार किया है।
श्रीजेश ने ‘जियोस्टार’ से कहा, ‘‘पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले अब पहले जितने मुश्किल नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ पहले आखिरी क्वार्टर या मैच के अंतिम मिनटों में गोल गंवाना हमारे लिए परेशानी का कारण बनता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब हम ही मैच के आखिरी क्षणों में गोल करके जीत दर्ज कर रहे हैं।’’
पूर्व भारतीय गोलकीपर ने कहा कि चार क्वार्टर के प्रारूप ने भी टीम को अपनी कमियों पर काम करने में मदद की है। इस प्रारूप के लागू होने से पहले भी टीम ने हर पहलू में काफी सुधार किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले 35-35 मिनट के दो हाफ में फिटनेस या खराब निर्णय लेने के कारण हम गलतियां करते थे और गोल खा जाते थे। चार क्वार्टर का प्रारूप आने के बाद हमने फिटनेस, ताकत, खेल की समझ और निर्णय लेने की क्षमता में काफी सुधार किया है।’’
श्रीजेश ने कहा कि अतीत में भारत और पाकिस्तान के मुकाबले बेहद करीबी होने के साथ मामूली अंतर से तय होते थे लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अब भी अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता है, लेकिन मौजूदा टीम का स्तर पहले जैसा नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले भारत-पाकिस्तान के मुकाबले काफी कड़े होते थे और अक्सर 1-0 या 2-1 के अंतर से नतीजा निकलता था। पाकिस्तान में अब भी क्षमता है, लेकिन उसकी मौजूदा टीम का स्तर पहले जैसा नहीं है।’’
भाषा आनन्द आनन्द सुधीर
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