पंत और गेंदबाजों के दम पर श्रीलंका के खिलाफ बड़ी जीत की दहलीज पर भारत

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पंत और गेंदबाजों के दम पर श्रीलंका के खिलाफ बड़ी जीत की दहलीज पर भारत

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 07:00 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 07:00 PM IST

… जी उन्नीकृष्णन …

गॉल, 18 अगस्त (भाषा) ऋषभ पंत की 66 रन की आक्रामक पारी के बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से भारत ने मंगलवार को पहले टेस्ट के चौथे दिन स्टंप्स तक श्रीलंका का स्कोर चार विकेट पर 84 रन कर मैच पर अपनी पकड़ काफी मजबूत कर ली। पंत, देवदत्त पडिक्कल (44) और लोकेश राहुल (35) के बल्ले से अहम योगदान से भारत ने दूसरी पारी में 193 रन बनाकर श्रीलंका के सामने 372 रन का बड़ा लक्ष्य रखा जिससे मेजबान टीम छह विकेट बाकी रहते 288 रन दूर है। दिन का खेल खत्म होते समय कप्तान धनंजय डि सिल्वा 31 और पहली पारी में शतक जड़ने वाले सोनल दिनुशा 25 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे। भारत के लिए मानव सुथार ने दो, जबकि मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने एक-एक विकेट लिया। श्रीलंका को मिला 372 रन का लक्ष्य गॉल स्टेडियम में टेस्ट क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़े स्कोर के रिकॉर्ड से ज्यादा है। यहां अब तक सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल करने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम है, जिसने 2022 में 344 रन का लक्ष्य हासिल किया था। दिन के दूसरे सत्र के आखिर में हुई बारिश के कारण श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत में थोड़ा विलंब हुआ लेकिन जब टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी तो उसके बल्लेबाजों पर दबाव साफ नजर आया। वे संभलकर खेलते दिखे, लेकिन जल्द ही पहला विकेट गंवा बैठे। मोहम्मद सिराज ने निशान फर्नांडो (06) को पुल शॉट खेलने के लिए मजबूर किया, लेकिन वह गेंद पर नियंत्रण नहीं रख सके और प्रसिद्ध कृष्णा ने शानदार कैच लपक लिया। इसके कुछ ही देर बाद प्रसिद्ध ने कामिंदु मेंडिस (02) को भी पवेलियन भेज दिया। इन दोनों सफलताओं के बीच बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने दिनेश चांदीमल के चोटिल होने के कारण टीम में शामिल हुए पसिंदु सूर्याबंदारा को आउट किया। चांदीमल दिन के पहले सत्र में क्षेत्ररक्षण के दौरान गिर पड़े थे और उनके कंधे तथा सिर में चोट लगी थी। जांच में हालांकि किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन वह ‘कन्कशन टेस्ट’ पास नहीं कर सके। सूर्याबंदारा का टेस्ट क्रिकेट में इस तरह से हुआ पदार्पण हालांकि सिर्फ एक गेंद तक ही चला। सुथार ने उन्हें पगबाधा कर दिया। इस गेंदबाज ने फिर लाहिरू उदारा (02) का विकेट भी अपने खाते में जोड़ लिया। श्रीलंका के गेंदबाजों ने पिच और परिस्थितियों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए लेकिन राहुल और पडिक्कल की साझेदारी के बाद पंत ने भारतीय खेमे की चिंता को ज्यादा बढ़ने नहीं दिया। पंत ने अपने चिर-परिचित अंदाज में आक्रामक शॉट लगाते हुए कभी शरीर को घुमाया, कभी झुककर शॉट खेले और इस दौरान कई बार अपना संतुलन भी खोया। उन्होंने इसी अंदाज में महज 53 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की गेंद पर छक्का लगाकर पचासा पूरा किया। वह इस दौरान टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बन गये। उन्होंने छठे विकेट के लिए रविंद्र जडेजा के साथ 54 रन जोड़े। पंत की रोमांचक पारी का अंत लाहिरू की गेंद पर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के हाथों कैच के साथ हुआ। पहली पारी में 167 रन बनाने वाले पडिक्कल ने दूसरी पारी में भी शानदार लय दिखाई। उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ सहजता से स्वीप और कट शॉट लगाए। ऑफ स्पिनर केशारा नुवंता की गेंद पर लगाया गया उनका सीधा पंच उनकी पारी का सबसे बेहतरीन शॉट रहा। नुवंता की तेजी से अंदर आती गेंद ने पडिक्कल को बैकफुट पर फंसा दिया। पगबाधा दिए जाने के बाद उन्होंने डीआरएस का सहारा लिया, लेकिन फैसला उनके पक्ष में नहीं आया। भारत की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही क्योंकि यशस्वी जायसवाल ने पहले ही ओवर में ही तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो की गेंद पर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को कैच दे दिया। जायसवाल खाता भी नहीं खोल पाए। जायसवाल को अब बड़ी पारी खेलने की जरूरत है क्योंकि पिछली आठ टेस्ट पारियों में उन्होंने सिर्फ एक अर्धशतक बनाया है। अभी केवल एक प्रारूप में खेल रहे इस सलामी बल्लेबाज को टीम को ठोस शुरुआत देने का जिम्मा सौंपा गया है। राहुल बेहतरीन लय में दिखे और उन्होंने अपनी पारी में आक्रामक अंदाज अपनाकर प्रभात जयसूर्या पर दो छक्के जड़े। डीआरएस के कारण पगबाधा होने से बचने वाले राहुल ने पडिक्कल के साथ दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़े। वह जयसूर्या की गेंद पर कैच आउट हो गए। कप्तान शुभमन गिल भी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए। जयसूर्या ने उन्हें पगबाधा आउट किया। भारत ने पारी के आखिर में जल्दी-जल्दी विकेट गंवाये लेकिन टीम ने तब तक ऐसा स्कोर बना लिया जिसे हासिल करना श्रीलंका के लिए काफी मुश्किल होगा। भाषा आनन्द सुधीरसुधीर