भारत के लिए दीप्ति शर्मा के प्रभाव की बराबरी कोई ऑलराउंडर नहीं कर सकता: अंजुम चोपड़ा

भारत के लिए दीप्ति शर्मा के प्रभाव की बराबरी कोई ऑलराउंडर नहीं कर सकता: अंजुम चोपड़ा

भारत के लिए दीप्ति शर्मा के प्रभाव की बराबरी कोई ऑलराउंडर नहीं कर सकता: अंजुम चोपड़ा
Modified Date: June 16, 2026 / 12:18 pm IST
Published Date: June 16, 2026 12:18 pm IST

(सुमन रे)

नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) भारत की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने भारतीय क्रिकेट पर ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के प्रभाव की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया में बहुत कम ऐसे क्रिकेटर हैं जिनमें बल्लेबाजी, गेंदबाजी, फील्डिंग या इन तीनों के संयोजन से खेल को प्रभावित करने की क्षमता होती है।

दीप्ति ने बर्मिंघम में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए महिला टी20 विश्व कप के मैच में मैच विजेता प्रदर्शन किया। उन्होंने पांच विकेट लेकर भारत को अपने पहले मैच में 64 रन से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अंजुम ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे कोई ऐसा ऑलराउंडर याद नहीं है जिसने भारत के लिए खेलते हुए इतना प्रभाव डाला हो। हमारे पास ऑलराउंडर रहे हैं, लेकिन जब लगातार प्रभाव डालने की बात आती है, तो मुझे लगता है कि दीप्ति शर्मा न केवल भारत में बल्कि विश्व क्रिकेट में उन कुछेक खिलाड़ियों में से एक हैं जो किसी भी टीम की तरफ से खेलते हुए अहम योगदान दे सकती हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं कि वह भारत की सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर में शामिल है। उसे बड़े मंच पर प्रदर्शन करना पसंद है। केवल दीप्ति ही नहीं मौजूदा भारतीय टीम में कुछ और क्रिकेटर भी हैं जो सुर्खियों में रहना पसंद करते हैं। यही बात इस टीम को खास बनाती है क्योंकि उन्हें दबाव वाले मैचों में अपना खास प्रभाव छोड़ना पसंद है।’’

अंजुम ने कहा कि मौजूदा विश्व कप में भारत की संभावनाएं काफी हद तक स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना पर निर्भर करेंगी।

उन्होंने कहा, वह एक स्टार खिलाड़ी हैं। वह स्टाइलिश बल्लेबाज हैं और लगातार रन बनाकर भारत को मैच जिताने में मदद करती हैं। मैंने हमेशा स्मृति को एक कुशल बल्लेबाज के रूप में देखा है।’’

अंजुम ने कहा, ‘‘मैं उन्हें भारत के लिए खेलने वाली अब तक की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी तो नहीं कहूंगी, लेकिन वह निश्चित रूप से बहुत अच्छी बल्लेबाज हैं। वह लगातार रन बनाती रहती हैं और इसी वजह से उन्होंने कई बार आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीता है।’’

भाषा

पंत

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