‘ओपन’ चयन ट्रायल अनिवार्य हों, विदेशी कोच पर निर्भरता कम हो: मांडविया ने एनएसएफ से कहा

‘ओपन’ चयन ट्रायल अनिवार्य हों, विदेशी कोच पर निर्भरता कम हो: मांडविया ने एनएसएफ से कहा

‘ओपन’ चयन ट्रायल अनिवार्य हों, विदेशी कोच पर निर्भरता कम हो: मांडविया ने एनएसएफ से कहा
Modified Date: August 7, 2026 / 05:52 pm IST
Published Date: August 7, 2026 5:52 pm IST

नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को यहां एक सम्मेलन में राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के कामकाज का जायजा लेते हुए कहा कि आगामी एशियाई खेलों जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से पहले चयन ट्रायल कैमरे की निगरानी में कराए जाने चाहिए और विदेशी कोच पर निर्भरता कम होनी चाहिए।

इस सम्मेलन में खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, खेल सचिव हरि रंजन राव और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

मांडविया ने कहा, ‘‘ ‘ओपन’ चयन ट्रायल पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में कैमरे पर रिकॉर्ड किए जाने चाहिए। चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। ’’

उन्होंने कहा कि निशानेबाजी और मुक्केबाजी जैसे खेलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत विदेशी कोच पर निर्भरता कम करने के लिए भारत को तत्काल मजबूत स्वदेशी कोचिंग तंत्र की जरूरत है।

मांडविया ने कहा, ‘‘हमें अच्छे भारतीय कोच का एक डेटाबेस तैयार करने की जरूरत है। खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के साथ हमें अपने कोच की ट्रेनिंग में भी समान रूप से निवेश करना चाहिए, उन्हें सर्वश्रेष्ठ मौके और अंतरराष्ट्रीय अनुभव उपलब्ध कराना चाहिए। एक प्रशिक्षित कोच ही अंततः देश के लिए विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करेगा। ’’

सम्मेलन में खेल प्रशासन से जुड़े मुद्दों, खिलाड़ियों के कल्याण को बेहतर बनाने और आगामी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल टूर्नामेंट के लिए भारत की तैयारियों की समीक्षा पर चर्चा की गई।

राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के अंतर्गत एनएसएफ की अनुपालन स्थिति, सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों, 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक और 2030 अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों पर भी विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं।

मांडविया ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘यह हमारी जिम्मेदारी है कि किसी भी खिलाड़ी के साथ कभी अन्याय नहीं हो। अन्याय कई तरीकों में हो सकता है और जहां भी ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, वहां राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 हमें निवारक और सुधारात्मक कदम उठाने का अधिकार देता है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि खिलाड़ियों को मैदान पर बनाए रखा जाए और देश में मजबूत लीग संस्कृति विकसित की जाए। प्रत्येक एनएसएफ को पूरे साल खिलाड़ियों के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी मौके उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना चाहिए। ’’

खेल मंत्री ने भारतीय खेलों से डोपिंग समाप्त करने के लिए व्यापक रणनीति की जरूरत दोहराई। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है और सरकार डोपिंग रोधी तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संशोधनों पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें डोपिंग की समस्या से सामूहिक रूप से निपटना होगा। सिर्फ खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है बल्कि इन पदार्थों के निर्माता, आपूर्तिकर्ता, सहयोगी और उपयोगकर्ताओं सहित पूरी श्रृंखला की पहचान कर पारदर्शी और मजबूत व्यवस्था के तहत कार्रवाई करनी होगी। तभी हम खेलों से डोपिंग को प्रभावी ढंग से समाप्त कर सकेंगे। ’’

एनएसएफ द्वारा उठाए गए मुद्दों में राष्ट्रीय खेल निर्वाचन पैनल (एनएसईपी) की अधिसूचना में हो रही देरी भी शामिल थी। यह पैनल खेल संस्थाओं के चुनाव की निगरानी करेगा।

खेल मंत्री ने कहा कि एनएसईपी की अधिसूचना बहुत जल्द जारी की जाएगी।

सम्मेलन में मौजूद एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने मंत्री से अनुरोध किया कि क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को भी बेहतर प्रसारण कवरेज दिलाने के लिए कुछ कदम उठाए जाएं।

मांडविया ने उन्हें इस विषय पर संबंधित अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों से चर्चा करने की सलाह दी।

भाषा नमिता मोना

मोना


लेखक के बारे में