ग्लास्गो, 26 जुलाई (भाषा) एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने रविवार को यहां शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 54 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया जबकि जदुमणि सिंह ने पुरुष 55 किग्रा वर्ग में पाकिस्तान के मुक्केबाज को एकतरफा मुकाबले में हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई।
भिवानी की 22 वर्षीय प्रीति ने प्री-क्वार्टर फाइनल में मलावी की डेबोरा मतेनजे को दूसरे दौर में ही आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) के फैसले से हराया।
एशियाई खेलों (2022) की कांस्य पदक विजेता और पिछले वर्ष नयी दिल्ली विश्व कप की स्वर्ण पदक विजेता प्रीति ने मुकाबले में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा।
मलावी की मुक्केबाज को दोनों राउंड में एक-एक बार स्टैंडिंग काउंट का सामना करना पड़ा। दूसरे राउंड में मुकाबला समाप्त होने से 47 सेकंड पहले रेफरी ने लड़ाई रोक दी। पहले राउंड में सभी पांचों जजों ने प्रीति के पक्ष में फैसला दिया था।
इस जीत के साथ प्रीति राष्ट्रमंडल खेलों में अपना पहला पदक सुनिश्चित करने से अब केवल एक जीत दूर हैं।
जदुमणि सिंह भी पदक से एक जीत दूर पहुंच गए हैं। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान के सुमामा रहमान को 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
पहला राउंड कड़ा रहा, जिसमें पांच में से तीन जजों ने जदुमणि के पक्ष में फैसला दिया। हालांकि, इसके बाद भारतीय मुक्केबाज ने प्रतिद्वंद्वी की रणनीति को अच्छी तरह समझ लिया और अगले दोनों राउंड में पूरी तरह हावी रहे।
अंत में सभी पांचों जजों ने 5-0 से उनके पक्ष में फैसला सुनाया।
क्वार्टर फाइनल में मंगलवार को जदुमणि का सामना जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले से होगा।
प्रीति भी मंगलवार को अंतिम आठ का मुकाबला खेलेगी। प्रीति के सामने उत्तरी आयरलैंड की निकोल क्लाइड की चुनौती होगी। क्लाइड ने इससे पहले प्री-क्वार्टर फाइनल में घाना की नैंसी बाम्फो को सर्वसम्मत निर्णय से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई थी।
दोनों मुक्केबाज एक-दूसरे से अच्छी तरह परिचित हैं। राष्ट्रमंडल खेलों से पहले बेलफास्ट में दोनों ने ‘स्पारिंग पार्टनर’ के रूप में साथ ट्रेनिंग ली थी।
प्रीति ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह मेरा पहला मुकाबला था और मैं देखना चाहती थी कि रिंग में खुद को किस तरह संभाल पाती हूं। पहले राउंड में मैंने रिंग के माहौल को समझा और दूसरे राउंड में आक्रामक खेल दिखाया। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा ड्रॉ अच्छा है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी। उम्मीद है कि मैं भारत के लिए पदक जीतने में सफल रहूंगी। ’’
भाषा
आनन्द
आनन्द