परीक्षा में सिर्फ इसलिए सवाल नहीं छोड़ा जा सकता कि वह पाठ्यक्रम से बाहर है: तारिक पर सूर्यकुमार

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परीक्षा में सिर्फ इसलिए सवाल नहीं छोड़ा जा सकता कि वह पाठ्यक्रम से बाहर है: तारिक पर सूर्यकुमार

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  • Publish Date - February 14, 2026 / 08:00 PM IST,
    Updated On - February 14, 2026 / 08:00 PM IST

… जी उन्नीकृष्णन …

कोलंबो, 14 फरवरी (भाषा) मौजूदा टी20 विश्व कप के शुरुआती दो मैचों बल्लेबाजी के लड़खड़ाने की बात को स्वीकार करते हुए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शनिवार को उम्मीद जताई कि उनके बल्लेबाज पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक की अलग तरह के एक्शन से होने वाली गेंदबाजी’ का तोड़ निकाल लेंगे। उन्होंने तारिक की गेंदबाजी को परीक्षा के “पाठ्यक्रम के बाहर” का सवाल जैसा बताया। सूर्यकुमार यादव ने रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप के अहम मुकाबले की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘ देखिए, कभी-कभी परीक्षा में भी पाठ्यक्रम से बाहर का सवाल आ जाता है। लेकिन उसे छोड़ नहीं सकते। उससे निपटने के लिए अपना तरीका अपनाना पड़ता है। हां, वह अलग तरह के गेंदबाज हैं।” उन्होंने कहा, “ हम हालांकि समर्पण नहीं कर सकते। हम नेट सत्र में ऐसे ही एक्शन वाले गेंदबाजों के खिलाफ अभ्यास करते हैं। जो अभ्यास किया है, उसे मैच में लागू करने की कोशिश करेंगे।” भारत को अमेरिका के खिलाफ 77 रन पर छह विकेट गंवाने पड़े थे, जबकि नामीबिया ने आखिरी ओवरों में चार रन के भीतर पांच विकेट लेकर बल्लेबाजी की कमजोरियों को उजागर किया था। भारतीय बल्लेबाजों के सामने रविवार को प्रेमदासा की धीमी पिच पर पाकिस्तान के स्पिन आक्रमण की परीक्षा होगी, जिसकी अगुवाई तारिक करेंगे। उनके अनोखे ‘पॉज एंड डिलीवर’ एक्शन को लेकर क्रिकेट जगत में वैधता पर बहस भी छिड़ी हुई है। सूर्यकुमार ने कहा, “हमारी शुरुआत थोड़ी अस्थिर रही। यह सच है कि वह टी20 के लिए आदर्श पिच नहीं थी, लेकिन कोई बहाना नहीं है। हम मजबूती से वापसी करने में सफल रहे। यही टी20 क्रिकेट की खूबसूरती है। एक-दो बल्लेबाज जिम्मेदारी लें तो मैच का रुख बदल सकता है।” उन्होंने माना कि पाकिस्तान के स्पिनर टीम को चुनौती देंगे और पाकिस्तान के खिलाफ मैच बड़े पलों को संभालने और दबाव पर काबू पाने का खेल होता है। उन्होंने कहा, ‘‘दबाव जरूर होगा। इससे भागा नहीं जा सकता। शुरुआत में घबराहट और उत्साह रहेगा। लेकिन अगर दबाव और घबराहट नहीं होगी तो खेलने का मजा भी नहीं आएगा। यह बड़ा मौका है, लेकिन आखिर में यह सिर्फ एक और मैच है। आपको अपनी क्षमता के साथ अच्छा क्रिकेट खेलना है।’’ पिच की प्रकृति चाहे जैसी हो, सूर्यकुमार ने स्पष्ट किया कि टीम आक्रामक क्रिकेट की अपनी रणनीति पर कायम रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान पिछले पखवाड़े से श्रीलंका में डेरा डाले हुए है जिससे उन्हें कुछ बढ़त मिल सकती है, लेकिन भारतीय टीम भी इन परिस्थितियों से परिचित है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें थोड़ी बढ़त मिल सकती है, लेकिन हम पहले भी यहां खेल चुके हैं। परिस्थितियां भारत जैसी ही हैं। श्रीलंका में खेलना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन अंत में आपको खुद को चुनौती देनी होती है, समाधान ढूंढना होता है और बेहतर प्रदर्शन करना होता है।’’भाषा आनन्द नमितानमिता