नस्लवाद अब भी तंत्र का हिस्सा, टीम के प्रदर्शन के लिये प्रशासनिक संकट जिम्मेदार: रोड्स

नस्लवाद अब भी तंत्र का हिस्सा, टीम के प्रदर्शन के लिये प्रशासनिक संकट जिम्मेदार: रोड्स

नस्लवाद अब भी तंत्र का हिस्सा, टीम के प्रदर्शन के लिये प्रशासनिक संकट जिम्मेदार: रोड्स
Modified Date: November 29, 2022 / 07:52 pm IST
Published Date: September 9, 2020 9:36 am IST

नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) जोंटी रोड्स का मानना है कि दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट में लंबे समय से चला आ रहा प्रशासनिक संकट राष्ट्रीय टीम के उतार चढ़ाव वाले प्रदर्शन के लिये जिम्मेदार है और वह मानते हैं कि ‘नस्ली असमानता’ अब भी देश के तंत्र का हिस्सा है।

क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) को वित्तीय परेशानियों के साथ अपने खिलाड़ियों से नस्ली भेदभाव के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। अध्यक्ष क्रिस नेनजानी ने पिछले महीने पद से इस्तीफा दे दिया। वह सात साल तक इस पद पर रहे जिस दौरान भ्रष्टाचार के कई आरोप लगते रहे।

अब ऐसे समय में दक्षिण अफ्रीका के सबसे सफल कप्तान ग्रीम स्मिथ के रूप में उम्मीद की किरण नजर आ रही है जो इस समय सीएसए के क्रिकेट निदेशक हैं।

रोड्स ने पीटीआई से 2014 अभियान का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘ग्रीम स्मिथ की पिछले कुछ समय से काफी आलोचना हो रही है लेकिन वह टीम का कप्तान था जिसने पहला ‘टीम संस्कृति शिविर’ कराया और वह ‘प्रोटिया फायर’ के विचार के साथ आये। ’’

इस अभियान में विनम्रता, लचीलापन, अनुकूलनशीलता, एकता और सम्मान के अलावा देश के दूत बनने पर ध्यान लगाया गया था।

दक्षिण अफ्रीका के 30 पूर्व खिलाड़ियों ने नस्ली भेदभाव के आरोप लगाये हैं जिसमें एशवेल प्रिंस और मखाया एनटिनी शामिल हैं जिसके बाद पिछले महीने 32 खिलाड़ियों की राष्ट्रीय टीम का ‘संस्कृति शिविर’ लगाया गया।

किंग्स इलेवन पंजाब के क्षेत्ररक्षण कोच रोड्स ने कहा, ‘‘मेरे लिये दुखद बात यह है कि शीर्ष 30 खिलाड़ी खेल के लिये एक साथ काम करना चाहते हैं लेकिन प्रशासनिक तंत्र में इतनी अराजकता है कि इसका असर मैदान पर पड़ता है। ’’

भाषा नमिता पंत

पंत


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