भाला फेंक में रोहित और लंबी कूद में श्रीशंकर चमके
भाला फेंक में रोहित और लंबी कूद में श्रीशंकर चमके
भुवनेश्वर, 21 अगस्त (भाषा) भारत के रोहित यादव ने आखिरी प्रयास में 87.68 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ पुरुष भाला फेंक का खिताब अपने नाम किया तो वहीं स्टार लंबी कूद खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने भी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए विश्व एथलेटिक्स महाद्वीपीय टूर के रजत स्तर की प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किया।
रोहित ने अंतिम प्रयास में भाला 87.68 मीटर दूर फेंककर न सिर्फ स्वर्ण पदक जीता, बल्कि अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दर्ज किया। इस जीत के साथ उन्हें 1600 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिली।
यशवीर 82.94 मीटर के प्रयास के साथ दूसरे जबकि श्रीलंका के सुमेधा रणसिंघे 80.29 मीटर के प्रदर्शन के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
यह भारत में पहली विश्व एथलेटिक्स महाद्वीपीय टूर रजत स्तर की प्रतियोगिता थी। पिछले साल यहां सफलतापूर्वक कांस्य स्तर की प्रतियोगिता आयोजित किए जाने के बाद विश्व एथलेटिक्स ने इस साल भुवनेश्वर के आयोजन को रजत स्तर पर अपग्रेड किया था।
शीर्ष खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि के साथ महत्वपूर्ण विश्व रैंकिंग अंक भी मिले। विजेता को 1600 डॉलर, दूसरे स्थान के खिलाड़ी को 1200 डॉलर और तीसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 900 डॉलर मिले जबकि छठे स्थान के खिलाड़ी को 300 डॉलर की पुरस्कार राशि मिली।
रोहित के लिए यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब है। इस जीत के साथ उन्होंने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की निराशा को भी पीछे छोड़ा, जहां वह 81.56 मीटर के प्रदर्शन के साथ सातवें स्थान पर रहे थे।
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता मुरली श्रीशंकर ने 8.07 मीटर की छलांग के साथ पुरुष लंबी कूद का खिताब जीता। दक्षिण अफ्रीका के दिवान मैनुअल ने अपने अंतिम प्रयास में 8.03 मीटर की छलांग लगाकर मुकाबले को रोमांचक बनाया।
श्रीशंकर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 8.41 मीटर है। एक अन्य भारतीय पी डेविड 7.78 मीटर की अंतिम प्रयास की छलांग के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
लंबी कूद की खिलाड़ी एंसी सोजन ने दो महीने पहले इसी मैदान पर महान एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए 6.71 मीटर की छलांग के साथ महिला लंबी कूद का खिताब अपने नाम किया।
शैली सिंह 6.56 मीटर के साथ दूसरे और मुबसीना मोहम्मद 6.31 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप किया।
कीनिया की राष्ट्रमंडल खेलों की 10,000 मीटर रजत पदक विजेता डायना वांजा ने महिला 5000 मीटर का खिताब 15:16.11 के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ जीता।
महिला 400 मीटर दौड़ में केवल एक विदेशी श्रीलंका की वित्या रामराज ने हिस्सा लिया। वह 51.96 सेकेंड के समय के साथ पहले स्थान पर रहीं। प्राची 52.57 सेकेंड के साथ दूसरे और एमआर पूवम्मा 52.78 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
अनुभवी भारतीय और एशियाई खेलों की पदक विजेता अन्नू रानी ने महिला भाला फेंक में 56.96 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता।
वहीं 100 मीटर दौड़ में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। अनीमेश कुजूर 10.32 सेकेंड के समय के साथ छठे और राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक गुरिंदरवीर सिंह 10.39 सेकेंड के साथ नौवें स्थान पर रहे।
महिला 100 मीटर बाधा दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक ज्योति याराजी को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। 2024 ओलंपिक की सेमीफाइनलिस्ट बहामास की करिश्मा टेलर ने 12.96 सेकेंड के साथ स्वर्ण जीता जबकि जापान की युमी तनाका 13.04 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। याराजी ने 13.24 सेकेंड का समय निकाला।
पुरुष गोला फेंक में करणवीर सिंह ने 20.06 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने अनुभवी खिलाड़ी तेजिंदरपाल सिंह तूर को महज तीन सेंटीमीटर के अंतर से पीछे छोड़ा।
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नाइजीरिया के चुकवुएबुका एनेकवे 20.78 मीटर के साथ पहले और इटली के वीयर जेन 20.47 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
महिला 100 मीटर में अभिनया राजराजन 11.34 सेकेंड के समय के साथ प्रतियोगिता की सबसे तेज महिला धावक रहीं। भारतीय खिलाड़ियों ने यहां भी क्लीन स्वीप किया। हरिता भद्रा 11.46 सेकेंड के साथ दूसरे और स्नेहा सत्यनारायण 11.56 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
भाषा आनन्द नमिता
नमिता

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