राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों से पहले भारोत्तोलकों के लिए साइ ने समर्थन बढ़ाया

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राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों से पहले भारोत्तोलकों के लिए साइ ने समर्थन बढ़ाया

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 08:11 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 08:11 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने सोमवार को बताया कि इस वर्ष के राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल की तैयारी कर रहे भारोत्तोलकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्रदान करने और दीर्घकालिक राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों के आयोजन पर लगभग 1.95 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

सरकार ने गांधीनगर में सोमवार से शुरू हुई और 17 मई तक चलने वाली एशियाई सीनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भारत की भागीदारी के लिए लगभग 70.45 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।

महाद्वीपीय प्रतियोगिता के लिए प्रारंभिक दल में 22 खिलाड़ी, छह कोच, पांच सहायक कर्मचारी और तीन रेफरी शामिल हैं।

साइ ने कहा, “भारतीय भारोत्तोलकों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर प्रदान करने और दीर्घकालिक राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों के लिए समर्थन बढ़ाते हुए लगभग 1.95 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।”

एशियाई चैंपियनशिप को राष्ट्रमंडल खेलों (जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में) और एशियाई खेलों (सितंबर-अक्टूबर में आइची-नागोया में) की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

साइ ने बताया कि खेलो इंडिया प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभाशाली भारोत्तोलक भी गांधीनगर में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

साइ द्वारा खेलो इंडिया प्रतियोगिता के लिए चुने गए भारोत्तोलकों में बेदाबरात भराली (79 किग्रा), पर्व चौधरी (94 किग्रा), ज्ञानेश्वरी यादव (53 किग्रा), संजना (77 किग्रा), मैबम मार्टिना देवी (86 किग्रा से अधिक), चारू पेसी (65 किग्रा), टी माधवन (71 किग्रा), वल्लूरी अजय बाबू (79 किग्रा), अभिषेक निपाने (88 किग्रा), कोमल कोहर (48 किग्रा) और कोयल बार (53 किग्रा) शामिल हैं।

साइ ने कहा, “प्रतियोगिता के लिए समर्थन के साथ-साथ साइ ने दो समानांतर राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविरों को भी मंजूरी दी है, जो एक अप्रैल से 31 अगस्त तक मोदीनगर स्थित ‘वेटलिफ्टिंग वॉरियर्स’ और नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान में आयोजित किए जाएंगे।”

उन्होंने कहा, “अनुभवी पुरुष और महिला भारोत्तोलकों को राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के चक्र से जुड़े प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने तथा क्वालीफिकेशन हासिल करने में मदद के लिए इन दोनों जगहों पर क्रमशः 60.23 लाख रुपये और 64.75 लाख रुपये की लागत से 122 दिवसीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।”

भाषा आनन्द सुधीर

सुधीर