साका की हैट्रिक से फ्रांस को 6-4 से हराकर इंग्लैंड विश्व कप में तीसरे स्थान पर रहा
साका की हैट्रिक से फ्रांस को 6-4 से हराकर इंग्लैंड विश्व कप में तीसरे स्थान पर रहा
मियानी गार्डन्स, 19 जुलाई (एपी) बुकायो साका के तीन गोल की बदौलत इंग्लैंड ने तीसरे स्थान के रोमांचक प्ले ऑफ मुकाबले में शनिवार को यहां 6-4 से जीत दर्ज की जबकि किलियन एमबाप्पे ने दूसरे हाफ में दो गोल करके फुटबॉल विश्व कप में लियोनल मेस्सी के सर्वाधिक गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और ‘गोल्डन बूट’ (टूर्नामेंट में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दिया जाने वाला पुरस्कार) की दौड़ में सबसे आगे निकल गए।
यह 1982 में हंगरी की अल सल्वाडोर पर 10-1 की जीत के बाद विश्व कप में सबसे अधिक गोल वाला मैच था। तीसरे स्थान के मैच में 10 गोल अब तक के सबसे अधिक गोल हैं।
साका ने 37वें मिनट और पहले हाफ के इंजरी टाइम में गोल करने के बाद 87वें मिनट में पेनल्टी से अपना तीसरा गोल करके इंग्लैंड के लिए अपने करियर की दूसरी हैट्रिक पूरी की। इंग्लैंड के लिए डेकलान राइस और एजरी कोंसा ने भी पहले हाफ में गोल किए जिससे मध्यांतर तक इंग्लैंड की टीम 4-0 से आगे हो गई।
रोमांचक दूसरे हाफ में भी इंग्लैंड ने अपनी बढ़त बनाए रखी और विश्व कप में अपना दूसरा सबसे अच्छा नतीजा हासिल किया। इंग्लैंड ने अपना एकमात्र खिताब 1966 में जीता था।
इंग्लैंड के लिए छठा गोल जूड बेलिंघम ने दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के आठवें मिनट में किया जो टूर्नामेंट में उनका सातवां गोल था।
विश्व कप में एमबाप्पे के गोल की संख्या 22 हो गई जो अर्जेन्टीना के कप्तान से एक अधिक है। इस स्टार स्ट्राइकर ने मौजूदा विश्व कप में अपने अभियान का अंत 10 गोल के साथ किया। वह गोल्डन बूट की दौड़ में मेस्सी से दो गोल आगे चल रहे हैं जिनके नाम पर आठ गोल हैं।
मेस्सी को एमबाप्पे से आगे निकलने का एक आखिरी मौका तब मिलेगा जब वह और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में फाइनल में स्पेन का सामना करेंगे।
फ्रांस के लिए दो अन्य गोल ब्रैडली बारकोला और ओस्माने डेम्बेले ने भी गोल किए।
दोनों टीम ने कहा था कि वे रविवार के फाइनल में खेलना पसंद करतीं। फ्रांस के पास टूर्नामेंट जीतने के लिए काफी आक्रामक क्षमता थी लेकिन वे सेमीफाइनल में स्पेन से हार गए और लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने का मौका गंवा दिया। इंग्लैंड ने अर्जेंटीना के खिलाफ सेमीफाइनल में 1-0 की बढ़त गंवा दी थी और 1-2 से हार गया जिसमें मेस्सी ने अंतिम मिनटों में दो गोल करने में मदद की।
हार्ड रॉक स्टेडियम में सेमीफाइनल को देखने के लिए 64,478 दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी।
बहुत से समर्थक दोनों टीमों का उत्साह बढ़ा रहे थे लेकिन कई लोग सिर्फ इस मैच के माहौल का आनंद लेने के लिए वहां आए थे।
इंग्लैंड का समर्थन करने पहुंचे मैक्सिको सिटी के रहने वाले गैस्टन एस्क्विवेल ने कहा, ‘‘मुझे इंग्लिश फुटबॉल बहुत पसंद है। मैं बचपन से ही प्रीमियर लीग देखता आ रहा हूं। मैं मैनचेस्टर यूनाइटेड का प्रशंसक हूं। मुझे उनकी शैली और उनका खेल पसंद है।’’
पूरे टूर्नामेंट के दौरान फ्रांस का समर्थन करने के लिए पेरिस से आए थॉमस विएल उम्मीद कर रहे थे कि एमबाप्पे हैट्रिक लगाएंगे। उनकी यह इच्छा लगभग पूरी हो ही गई थी।
जब एमबाप्पे ने 48वें मिनट में गोलकीपर डीन हेंडरसन को छकाते हुए शॉट मारा तब फ्रांस 0-4 से पीछे चल रहा था। फिर 66वें मिनट में उन्होंने लगभग 14 यार्ड की दूरी से बाएं पैर से शॉट मारकर फिर से हेंडरसन को छकाया।
विएल ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मेस्सी कल हैट्रिक लगा पाएंगे।’’
यह फ्रांस के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स का भी टीम के साथ आखिरी मैच था। उन्होंने कहा है कि वह 14 साल बाद पद छोड़ देंगे। पिच से बाहर निकलते समय डेसचैम्प्स ने खिलाड़ियों को गले लगाया और भीड़ की ओर हाथ हिलाया।
एपी सुधीर
सुधीर

Facebook


