शाहनवाज का एशियाई खेलों में पदक पर निशाना, बसंत को अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण चूकने का मलाल

शाहनवाज का एशियाई खेलों में पदक पर निशाना, बसंत को अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण चूकने का मलाल

शाहनवाज का एशियाई खेलों में पदक पर निशाना, बसंत को अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण चूकने का मलाल
Modified Date: August 12, 2026 / 07:53 pm IST
Published Date: August 12, 2026 7:53 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में पदक जीत चुके लंबी कूद के युवा खिलाड़ी शाहनवाज खान आगामी एशियाई खेलों में पदक जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं और जापान में अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।

पिछले सप्ताह अमेरिका के यूजीन में 7.84 मीटर की छलांग लगाकर विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय लंबी कूद खिलाड़ी बने 18 वर्षीय शाहनवाज ने कांस्य पदक जीता।

यह इस साल की शुरुआत में दर्ज उनके 8.30 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी कम था। उन्होंने कहा कि बाएं पैर की पिंडली की मांसपेशियों में ऐंठन ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया।

शाहनवाज ने पीटीआई से कहा, ‘‘आम तौर पर जितना अधिक दबाव होता है प्रतियोगिता में मेरा प्रदर्शन उतना ही बेहतर होता है। लेकिन यूजीन में तीसरे प्रयास के बाद मुझे ऐंठन होने लगी। मांसपेशियों में ऐंठन थी। ऐसा पहली बार हुआ है। मुझे कुछ समझ नहीं आया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एड़ी में भी थोड़ा दर्द था इसलिए एड़ी का दर्द और ऐंठन दोनों थे।’’

हालांकि उन्होंने कहा कि यह मामूली समस्या है और जल्द ठीक हो जाएगी।

सितंबर-अक्टूबर में होने वाले आइची-नागोया एशियाई खेलों में अपने लक्ष्य के बारे में शाहनवाज ने कहा, ‘‘मेरा लक्ष्य अपने 8.30 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में सुधार करना और पदक जीतना है।’’

शाहनवाज उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के मधैपुर गांव के रहने वाले हैं। उनके दिवंगत पिता नसीमुद्दीन टैक्सी चालक थे और 2018 में जब शाहनवाज 10 साल के थे तब कैंसर से उनका निधन हो गया था। राष्ट्रीय स्तर के एथलीट रहे उनके चाचाओं ने उनकी मदद की और मार्गदर्शन किया।

मौजूदा एशियाई अंडर-20 चैंपियन बसंत कुमार मेघवाल ने 2.21 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास से विश्व अंडर-20 प्रतियोगिता में पुरुषों की ऊंची कूद में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया।

उन्नसी वर्षीय बसंत ने कहा, ‘‘मेरे मन में था कि अगर मैं 2.24 मीटर पार कर लूं तो स्वर्ण पदक जीत जाऊंगा। मैंने पूरी कोशिश की लेकिन ऐसा नहीं कर सका। टेक-ऑफ शुरू होते ही मेरे टखने पर दबाव पड़ने लगा।’’

तीनों पदक विजेता केवल 2.21 मीटर की ऊंचाई पार कर सके लेकिन 2.24 मीटर पार करने के अपने तीनों प्रयासों में विफल रहे।

इसके बाद पिछली ऊंचाई पार करने के लिए किए गए प्रयासों की संख्या के आधार पर काउंटबैक के जरिए स्थान तय किए गए।

अल्जीरिया के स्वर्ण पदक विजेता यूनुस अयाची ने 2.21 मीटर को अपने पहले ही प्रयास में पार किया जबकि बसंत और ग्रेट ब्रिटेन के ओटिस पूल ने क्रमश: दूसरे और तीसरे प्रयास में ऐसा करते हुए रजत और कांस्य पदक जीता।

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द


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