सोबर्स ने क्रिकेट की तस्वीर बदल दी, हम सभी के प्रेरणास्रोत थे: कपिल देव

सोबर्स ने क्रिकेट की तस्वीर बदल दी, हम सभी के प्रेरणास्रोत थे: कपिल देव

सोबर्स ने क्रिकेट की तस्वीर बदल दी, हम सभी के प्रेरणास्रोत थे: कपिल देव
Modified Date: July 18, 2026 / 04:49 pm IST
Published Date: July 18, 2026 4:49 pm IST

… सुमन रे …

ग्रेटर नोएडा, 18 जुलाई (भाषा) भारत को 1983 विश्व कप दिलाने वाले कप्तान कपिल देव ने वेस्टइंडीज के महान हरफनमौला सर गारफील्ड सोबर्स को क्रिकेट को नया आयाम देने वाला खिलाड़ी करार देते हुए कहा कि उन्होंने खेल के प्रति खिलाड़ियों की सोच और खेलने का तरीका ही बदल दिया। सोबर्स का 89 साल की उम्र में शुक्रवार को बारबाडोस स्थित उनके घर पर निधन हो गया। अपने शानदार करियर में उन्होंने 93 टेस्ट मैचों में 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 235 विकेट भी अपने नाम किए। कपिल ने यहां केडीएसजी (कपिल देव-संजय गुप्ता) अस्पताल में पीटीआई से कहा, ‘‘जो भी क्रिकेट को जानता है, वह गैरी सोबर्स को जरूर जानता होगा। वह इस खेल के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने जिस अंदाज में क्रिकेट खेला, उसने हम जैसे खिलाड़ियों को प्रेरित किया। उनका जाना बेहद दुखद है, लेकिन वह हमें अपनी प्रतिभा, खेल और विरासत के रूप में बहुत कुछ देकर गए हैं, जिससे हम जीवनभर सीखते रहेंगे।’’ कपिल देव ने कहा कि सोबर्स की असाधारण प्रतिभा और खेल के प्रति उनका जुनून ही उन्हें महान बनाता था। उन्होंने कहा, ‘‘उनकी प्रतिभा, खेल का आनंद लेने का तरीका और खेलने की शैली उन्हें सबसे अलग बनाती थी। उस दौर में वेस्टइंडीज की टीम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में थी, लेकिन सोबर्स ने रिकॉर्ड बनाने के साथ-साथ लोगों की यह सोच भी बदल दी कि क्रिकेट कैसे खेला जाए और उसका लुत्फ कैसे उठाया जाये।‘‘ इस 67 साल के पूर्व खिलाड़ी ने बताया कि सोबर्स ने पारंपरिक क्रिकेट कोचिंग की सोच भी बदल दी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सबसे ज्यादा यही बात याद है कि उन्होंने एमसीसी (मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब) की पारंपरिक कोचिंग पद्धति को बदल दिया। उस समय बल्लेबाजों को ‘वी’ (सीधे बल्ले से लांग ऑफ से लांग ऑन की दिशा में) में खेलने की सलाह दी जाती थी, लेकिन सोबर्स ने दिखाया कि इसके बाहर भी रन बनाए जा सकते हैं। यह बात बचपन से मेरे मन में बस गई थी।’’ खुद शानदार हरफनमौला रहे कपिल ने कहा कि ऑलराउंडर के रूप में सोबर्स का कोई मुकाबला नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘ऑलराउंडर तो और भी हुए हैं, लेकिन उनके स्तर का कोई नहीं। बल्लेबाजी, तेज गेंदबाजी, स्पिन गेंदबाजी, कमाल का क्षेत्ररक्षण हर क्षेत्र में उनका कोई सानी नहीं था। सबसे बड़ी बात यह थी कि वह दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करना जानते थे। क्रिकेटर तो बहुत आते हैं, लेकिन असली मनोरंजन करने वाले बहुत कम होते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह शानदार क्रिकेटर थे। उनका जाना क्रिकेट जगत के लिए बड़ी क्षति है, लेकिन उनके खेलने के तरीके से हर खिलाड़ी सीख ले सकता है। उन्हें मेरा सलाम। उन्होंने जिंदगी को हमेशा खुलकर जिया।’’ कपिल ने सोबर्स के साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा, ‘‘शाम को वह बैठकर बातें किया करते थे और हम सभी उन्हें बड़े ध्यान से सुनते थे। दिलचस्प बात यह थी कि वह क्रिकेट से ज्यादा जिंदगी के दूसरे पहलुओं पर बातें करते थे।’’ भाषा आनन्द नमितानमिता


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