सूर्यवंशी अलग तरह की प्रतिभा और भारतीय क्रिकेट के भविष्य है: जयसूर्या

सूर्यवंशी अलग तरह की प्रतिभा और भारतीय क्रिकेट के भविष्य है: जयसूर्या

सूर्यवंशी अलग तरह की प्रतिभा और भारतीय क्रिकेट के भविष्य है: जयसूर्या
Modified Date: September 20, 2026 / 07:37 pm IST
Published Date: September 20, 2026 7:37 pm IST

… सुमन रे …

गुड़गांव, 20 सितंबर (भाषा) श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनत जयसूर्या ने भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ करते हुए रविवार को उन्हें ‘अलग तरह की प्रतिभा’ करार देते हुए कहा कि इस किशोर खिलाड़ी को भारतीय अंतिम एकादश में शामिल करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सूर्यवंशी हाल में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन टीम प्रबंधन ने पारी की शुरुआत के लिए नियमित जोड़ी संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर ही भरोसा कायम रखा। जयसूर्या ने ‘कॉरपोरेट’ विश्व कप के उद्घाटन समारोह से इतर ‘पीटीआई’ से बातचीत में कहा, “वह अलग तरह की प्रतिभा है। मुझे लगता है कि वह भारत का भविष्य है। उसके पास काफी समय है। इसलिए उसे अच्छा प्रदर्शन करने का मौका दीजिए और वह जरूर अच्छा करेगा।” 1996 विश्व कप में श्रीलंका के स्टार प्रदर्शनकर्ताओं में शामिल रहे जयसूर्या ने कहा कि सूर्यवंशी में मिले मौकों को भुनाने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा, “मौके मिलेंगे। वह किस स्थान पर खेलेगा, यह मैं नहीं कह सकता, यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है। लेकिन जब उसे मौका मिलेगा, वह उसे जरूर भुनाएगा। इसलिए इंतजार करते हैं और देखते हैं।” जयसूर्या ने चयन और बल्लेबाजी क्रम पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, “मैं चयन और बल्लेबाजी क्रम पर टिप्पणी नहीं कर सकता। मेरा मानना है कि वह बेहद प्रतिभाशाली है।” जयसूर्या ने इसी संदर्भ में कहा कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना होगा। उन्होंने कहा, “हर खिलाड़ी में अलग-अलग प्रतिभा होती है और वे अभ्यास तथा ट्रेनिंग में कड़ी मेहनत करते हैं। भारत में हमेशा ऐसे खिलाड़ी तैयार रहते हैं जो उनकी जगह लेकर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। यहां प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है।” इस 57 साल के पूर्व दिग्गज ने तीनों प्रारूपों में भारतीय क्रिकेट के ऊंचे स्तर की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “भारत में क्रिकेट का स्तर बहुत ऊंचा है। वे सभी प्रारूपों (वनडे, टी20 और टेस्ट) में खेलते हैं। जब आप तीनों प्रारूपों में खेलते हैं तो यह आसान नहीं होता।” उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों में देश के लिए खेलने का जुनून काफी ऊंचा है और यही वजह है कि बड़ी संख्या में खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। जयसूर्या के मुताबिक, कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े उन खिलाड़ियों को भी इस तरह के आयोजनों से आगे बढ़ने का मंच मिलता है, जिन्हें क्लब, अन्य स्तरों या राज्य स्तर पर खेलने का अवसर नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय क्रिकेट के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। भाषा आनन्द नमितानमिता


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